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कोलकाता एयरपोर्ट पर 707 कछुओं के साथ चेन्नई का यात्री गिरफ्तार

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने 707 जीवित कछुए बरामद किए हैं।

बैंकॉक से आए एक यात्री के सामान में ये कछुए छिपाए गए थे। आरोपी चेन्नई का रहने वाला है।

एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने बुधवार को उसे हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, यात्री ग्रीन चैनल पार कर चुका था। उसके भारी और असामान्य सामान ने शक पैदा किया।

डेटा विश्लेषण और मौके पर की गई प्रोफाइलिंग के आधार पर उसे रोका गया। एक्स-रे जांच में बैग के भीतर जीवित जीवों की हलचल दिखाई दी।

सामान खोलने पर रेड-ईयर्ड स्लाइडर प्रजाति के सैकड़ों कछुए मिले।

सीमा शुल्क विभाग ने आरोपी को सीमा शुल्क अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण कानून और CITES के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। जांच जारी है।

रेड-ईयर्ड स्लाइडर मूल रूप से अमेरिका और उत्तरी मेक्सिको में पाए जाते हैं। पालतू जानवरों के बाजार में इनकी भारी मांग रहती है।

दिखने में छोटे और शांत ये कछुए पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

उन्हें दुनिया की सबसे आक्रामक बाहरी प्रजातियों में गिना जाता है। नए जलस्रोतों में छोड़े जाने पर वे स्थानीय कछुओं से भोजन और जगह छीनते हैं। इससे जैव विविधता का संतुलन बिगड़ सकता है।

हम इस जब्ती को केवल तस्करी का मामला नहीं मानते।

707 कछुओं का एक साथ मिलना संगठित वन्यजीव व्यापार की ओर इशारा करता है। हवाई मार्ग से ऐसे जीवों की आवाजाही यह भी दिखाती है कि तस्कर जांच व्यवस्था की कमजोर कड़ियों को लगातार परख रहे हैं।

अब जांच का केंद्र नेटवर्क पर होगा।

कछुए किसके लिए लाए गए थे? भारत में उनका खरीदार कौन था? क्या इससे पहले भी ऐसे खेप पहुंचाई गईं?

इन सवालों के जवाब ही बताएंगे कि कोलकाता एयरपोर्ट पर पकड़ा गया यात्री अकेला था या किसी बड़े गिरोह की छोटी कड़ी।

By Ashwin Gorai

मेरा नाम अश्विन गोराई है। मैं बेंगलुरु में खबरें लिखता हूँ। मुझे राजनीति और खेल न्यूज़ में खास दिलचस्पी है। मैं सबसे ताज़ा खबरें और राजनीति के बदलावों पर लिखता हूँ। क्रिकेट और फुटबॉल की बड़ी खबरें भेजना भी मुझे पसंद है। मैंने 2016 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएट किया। इसके बाद मैंने मुंबई में दो साल एक स्थानीय रेडियो स्टेशन में काम किया। 2020 से मैं News Trend India में बतौर न्यूज़ रिपोर्टर काम कर रहा हूँ। मुझे देश और दुनिया की खबरें लोगों तक पहुँचाना अच्छा लगता है। Email: [email protected]

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