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पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने पेश किया संशोधन विधेयक

केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए कानून को और कड़ा करने की तैयारी की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।

संसद के मानसून सत्र का यह सातवां दिन था। सदन में विधेयक पर चर्चा और इसे पारित कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि नया संशोधन छात्रों और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए लाया गया है। उनके मुताबिक, पुराने कानून में बदलाव से पेपर लीक से जुड़े संगठित नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा पत्र लीक के मामले किसी एक राज्य या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं रहे। अलग-अलग दलों की सरकारों वाले राज्यों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।

यूपीए सरकार के दौर के मामलों का किया जिक्र

लोकसभा में बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने यूपीए शासन के दौरान सामने आए कई पेपर लीक मामलों की सूची रखी।

उन्होंने 2009 के रेलवे भर्ती बोर्ड मामले का नाम लिया। साल 2011 की अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का भी जिक्र किया। 2012 में एम्स नई दिल्ली की प्रवेश परीक्षा और 2013 की महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा से जुड़े मामलों को भी उन्होंने सदन के सामने रखा।

जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश की 2010 बीएड प्रवेश परीक्षा, तमिलनाडु लोक सेवा आयोग की 2012 परीक्षा और 2009 की पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा का भी उल्लेख किया।

उनका तर्क था कि इन घटनाओं ने एक अलग और मजबूत केंद्रीय कानून की जरूरत पैदा की।

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसियों का दिया हवाला

जितेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की प्रमुख भर्ती संस्थाओं का नाम भी लिया। इनमें संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान शामिल हैं।

उच्च शिक्षा में दाखिले के लिए उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का जिक्र किया। एनटीए की स्थापना 2017 में हुई थी।

मंत्री ने दावा किया कि एक साझा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाने की सिफारिश पहली बार 1992 में की गई थी। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 2010 में यूपीए सरकार के दौरान बनी एक समिति ने भी ऐसा ही सुझाव दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।

जितेंद्र सिंह ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को दिया। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार ने वर्षों से अधूरा पड़ा काम पूरा किया।

2024 के कानून में होगा बदलाव

यह संशोधन लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में बदलाव के लिए लाया गया है।

जितेंद्र सिंह ने 2024 के कानून को स्वतंत्र भारत में अपनी तरह की पहली बड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि नया विधेयक उसी कानून को और धारदार बनाएगा।

हमने सदन में उनके भाषण से यह साफ देखा कि सरकार इस मुद्दे को छात्रों के भविष्य और भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता से जोड़ रही है।

मंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या गिरोह को युवाओं के करियर से खिलवाड़ करने की छूट नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने संशोधन विधेयक को भारतीय संसद के लिए एक अहम कानून बताया।

सरकार का दावा मजबूत है। असली परीक्षा अब कानून के क्रियान्वयन की होगी। पेपर लीक रोकने के लिए केवल कठोर सजा नहीं, तेज जांच और जिम्मेदार संस्थागत व्यवस्था भी जरूरी रहेगी।

By Sourav Basavaraj

मेरा नाम सौरव बसवराज है। मैं News Trend India में बेंगलुरु से काम करता हूँ। मेरी रुचि राजनीति, टेक्नोलॉजी और स्पोर्ट्स में है। इन्हीं विषयों पर लिखना मुझे पसंद है। मैं हमेशा ताजा खबरें और सही जानकारी अपने पाठकों को देना चाहता हूँ। मैंने अपनी पढ़ाई 2018 में बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में की है। लिखने का शौक कॉलेज के समय से है। 2019 में मैंने पत्रकार के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। अब मैं News Trend India की टीम का हिस्सा हूँ और अच्छी जानकारी देना मेरा उद्देश्य है। Email: [email protected]

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