जानिये कौन हैं उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत

देहरादून/उत्तराखंड:  उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद अब तीरथ सिंह रावत अगले सीएम होंगे। तीरथ सिंह को आज विधायक दल का नेता चुन लिया गया। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात की जानकारी दी। तीरथ सिंह रावत आज शाम चार बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वर्तमान में तारथ सिंह रावत गढ़वाल से बीजेपी सांसद हैं।

तीरथ सिंह संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। छात्र जीवन से ही वो राजनीति में सक्रिय रहे हैं। छात्र जीवन में ही वो संघ से भी जुड़े। उनकी छवि जमीनी नेता की भी है। एबीवीपी से उन्होंने छात्र राजनीति की शुरुआत की। जिसके बाद आगे चलकर वो सक्रिय राजनीति में आए। उत्तराखंड के गठन से पहले यानि उत्तरप्रदेश की राजनीति में भी उनकी मौजूदगी रही।

2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीएस खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी को तकरीबन 3 लाख वोटों से हराया था। अब बीजेपी ने उन्हें त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह राज्य की बागडोर सौंपने का फैसला लिया है।

तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल 1964 को हुआ। उनके पिता का नाम कलम सिंह रावत और मां का नाम गौरी देवी है। तीन भाइयों में तीरथ सबसे छोटे हैं।

1983 में जव वो महज 20 साल के थे तब उन्हें संघ का प्रांत प्रचारक बनाया गया था। राम जन्म भूमि आंदोलन में वो 2 महीने तक जेल में भी रहे। उत्तराखंड राज्य गठन में भी वो सक्रिय रहे। तीरथ सिंह ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद समाज शास्त्र में परास्नात किया। उसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया। 1992 में उन्होंने सबसे पहले एबीवीपी की तरफ से गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस जीत के बाद उन्हें प्रदेश संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई बाद में प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने।

1997 में वो उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। 2000 में जब उत्तराखंड का गठन हुआ तब राज्य के पहले शिक्षा मंत्री बने। साल 2007 में बीजेपी प्रदेश महामंत्री, प्रदेश सदस्यता प्रमुख, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष चुने गए। 2012 में जब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कई बड़े नामों को हार का सामना करना पड़ा था तब भी चौबट्टाखाल से तारथ सिंह रावत विधायक चुने गए थे।

इस जीत के बाद पार्टी ने भी उनपर भरोसा जताया और उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। 2013 में उन्हें बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। 2015 तक वो प्रदेश अध्यक्ष बने रहे। 2017 में उनका टिकट कट गया लेकिन पार्टी उन्हें भूली नहीं। उन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। हिमाचल प्रदेश के सचिव की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई। जहां पार्टी ने चारों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2019 में उन्होंने लोकसभा चुनाव गढ़वाल सीट से लड़ा और जीत हासिल कर सांसद बने। जिसके बाद अब उत्तराखंड के सीएम बनने जा रहे हैं।

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