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अस्पताल के शौचालय में महिलाओं की गुप्त रिकॉर्डिंग, भारतीय मूल के डॉक्टर को जेल

अमेरिका के ओहायो में भारतीय मूल के पूर्व मेडिकल रेजिडेंट अद्वैत देशमुख को छह महीने की जेल सुनाई गई है। मामला अस्पताल के कर्मचारी शौचालय में महिलाओं की छिपकर रिकॉर्डिंग से जुड़ा है।

लुकास काउंटी की अदालत ने देशमुख को तीन साल की निगरानी अवधि पर भी रखा है। उसे मानसिक स्वास्थ्य और यौन अपराधी उपचार कार्यक्रम जारी रखना होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, उसका नाम 15 वर्षों तक यौन अपराधियों की सूची में दर्ज रहेगा।

देशमुख ने मई 2026 में सात मामलों में ताक-झांक और साक्ष्य से छेड़छाड़ की कोशिश का अपराध स्वीकार किया था। न्यायाधीश माइकल गोल्डिंग ने 24 जून को सजा सुनाई।

डिब्बे में छिपा मिला फोन

यह मामला जून 2025 में सामने आया।

प्रोमेडिका टोलेडो अस्पताल के एक कर्मचारी को निजी स्टाफ शौचालय में एक डिब्बे के भीतर मोबाइल फोन छिपा मिला। अस्पताल प्रशासन ने उसी दिन जांच शुरू की और पुलिस को सूचना दी।

रिपोर्टों के अनुसार, जब एक कर्मचारी ने उपकरण हटाने की कोशिश की, देशमुख ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। बाद की जांच में फरवरी से मई 2025 के बीच रिकॉर्ड की गई 82 तस्वीरें मिलीं। कम से कम छह महिलाओं की पहचान हुई। पीड़ितों की वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।

देशमुख उस समय यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेडो में तीसरे वर्ष का यूरोलॉजी रेजिडेंट था। वह प्रोमेडिका टोलेडो अस्पताल में प्रशिक्षण ले रहा था। संस्थान ने बाद में उसे अपने सभी परिसरों से प्रतिबंधित कर दिया। यूनिवर्सिटी ने भी उसका रेजिडेंसी अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया।

अदालत में मांगी माफी

सजा से पहले देशमुख ने पीड़ित महिलाओं से माफी मांगी।

उसके वकील ने जेल के बदले निगरानी और उपचार की मांग की। दलील दी गई कि देशमुख थेरेपी के जरिए अपने व्यवहार और अपराध की गंभीरता को समझने का प्रयास कर रहा है।

अदालत ने यह अनुरोध पूरी तरह स्वीकार नहीं किया।

एक पीड़िता ने स्थानीय मीडिया से कहा कि घटना ने उसके भीतर सार्वजनिक शौचालयों को लेकर स्थायी भय पैदा कर दिया। उसने सजा समझौते पर भी निराशा जताई और कहा कि पीड़ित महिलाओं की आवाज को पर्याप्त जगह नहीं मिली।

हम इस मामले को केवल एक छिपे कैमरे की घटना नहीं मानते।

अस्पताल भरोसे की जगह होता है। वहां कर्मचारी और मरीज अपनी सुरक्षा संस्थान के हाथों में सौंपते हैं। उसी परिसर में निजता का ऐसा उल्लंघन उस भरोसे पर गहरी चोट करता है।

देशमुख को अब जेल, निगरानी और अनिवार्य उपचार का सामना करना होगा। पीड़ित महिलाओं के लिए नुकसान कहीं लंबा है। कैमरा हट गया, पर असुरक्षा का एहसास आसानी से नहीं मिटता।

By Suryakant Bhosle

मेरा नाम सुर्याकांत भोसले है। मैं Bengaluru में रहता हूँ और News Trend India के लिए काम करता हूँ। मेरी खास रुचि राजनीति, समाज और विज्ञान से जुड़ी खबरों में है। मैं मुख्य रूप से इन विषयों पर रिपोर्ट और लेख लिखता हूँ। मैंने 2017 में पुणे यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में डिग्री ली थी। उसके बाद मैंने एक लोकल न्यूज चैनल में दो साल काम किया। 2019 से मैं डिजिटल मीडिया में काम कर रहा हूँ। मुझे सच्ची और असरदार खबरें लिखना पसंद है। Email: [email protected]

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