हाफिज सईद की वेबसाइट पर Zakir नाइक का जिक्र क्यों ?

अपने उग्र भाषणों से मुश्किलों में घिर रहे Zakir नाइक के बारे में एक नया खुलासा सामने आया है। हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा की वेबसाइट पर Zakir नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का जिक्र है। इसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर एक आतंकी संगठन की वेबसाइट पर इस्लाम पर रिसर्च करनेवाली संस्था का लिंक क्यों डाला गया है।

कई आतंकी हमलों को अंजाम देनेवाले आतंकियों ने ये बात तो पहले ही कह दी थी कि वो Zakir नाइक के भाषणों से प्रभावित होकर आतंकी बने। जिसके बारे में Zakir ने कहा था कि दुनियाभर में करोड़ों लोग उसके भाषणों को सुनते हैं। इसलिए इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि ढाका के आतंकी उसे जानते थे। क्योंकि बांग्लादेश की 90 फीसदी जनता उसे सुनती है।

Zakir पर उठते सवालों पर सरकार ने उसकी जांच के आदेश दिये हैं। एनआईए पिछले एक महीने में Zakir की तरफ से की गई तकरीर की जांच में जुटा है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने भी पुलिस कमिश्नर से Zakir की जांच करने के आदेश दिये हैं।

जांच की इस बात के सामने आने के बाद Zakir ने मक्का से अपनी सफाई दी है। Zakir ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने कभी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया। Zakir ने आगे कहा ये सच है कि वो लोगों को इस्लाम की तरफ मोड़ते हैं। लेकिन ये संभव हो सकता है कि जब लोग उसकी बातों को सुनते हैं तो साथ में किसी दूसरे प्रचारक की बात भी सुनते होंगे। जो लोगों को मारने के लिए उकसाते होंगे। दहशत फैलाने के लिए उन्हें गलत रास्ता दिखाते होंगे। और लोग उनकी बातों से प्रभावित हो जाते होंगे। लेकिन इसमें मेरा कोई कसूर नहीं है। आगे Zakir ने कहा मैने कभी भी किसी को ये नहां काह की कत्ल करो। लेकिन हर मुसलमान को असामाजिक तत्वों के खिलाफ आतंकवादी होना चाहिए। असामाजिक तत्व मतलब चोर, बलात्कारी से है।
इनके खिलाफ हर मुसलमान को आतंकवादी होना चाहिए। अपनी सफाई में Zakir ने कहा कि इस्लाम किसी का कत्ल करने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि खून खराबा करना इस्लाम में दूसरा सबसे बड़ा अपराध बताया गया है।
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