मिशन 2019 के लिए योगी ले रहे हैं मैराथन फैसले, पीएम के सामने देना है रिजल्ट

लखनऊ: यूपी के नए नवेले सीएम योगी आदित्यनाथ एक के बाद एक फैसले ले रहे हैं। एक अखबार को दिये इंटर्व्यू में इस बात का पता चला कि सीएम इतनी जल्दबाजी में फैसले क्यों ले रहे हैं। सीएम योगी ने अखबार से कहा वो 2019 को लक्ष्य मानकर तेजी से काम करने में जुटे हैं। सीएम योगी ने ये भी साफ कर दिया कि यूपी का विभाजन नहीं होगा।

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सीएम योगी ने इंटर्व्यू में कहा यूपी में समस्याएं बहुत ज्यादा हैं और समय कम है। क्योंकि मुझे 2019 में रिजल्ट देना है। इसके लिए अभी से जूझना होगा। मेरे साथ साथ वही चलेगा जो सही तरीके से और तेज चल सकेगा। मैं यूपी के विभाजन के पक्ष में नहीं हूं। मेरे राज में अगर किसी ने सरकारी भर्तियों में जाति, धर्म या धन के आधार पर बेइमानी का प्रयास किया तो उसे जेल जाना होगा।
सीएम योगी से पूछा गया कि किसानों का केवल 1 लाख तक का ही कर्ज माफ क्यों किया गया तो उन्होंने कहा मंशा तो पूरा कर्ज माफी की थी पर पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार और आर्थिक अराजकता के नाते ऐसा संभव नहीं हो सका। वैसे एक लाख की कर्ज माफी से भी दो साल से मौसम से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा हमने पहली बार पांच हजार गेहूं क्रय केंद्र खोले हैं। इसका लाभ भी दिख रहा है। क्योंकि किसान को बाजार में 1700 से अधिक का मूल्य मिलने लगा है। दलालों और आड़तियों को अब किसानों का शोषण नहीं करने दिया जाएगा।

सीएम बनने के बाद ही योगी ने साफ कर दिया था कि जो लोग 18-20 घंटे काम कर सकते हैं वही हमारे साथ चल सकेंगे। आज की तारीख में योगी आदित्यनाथ के दिन की शुरुआत सुबह 3.30 बजे होती है और रात के 1 बजे तक वो काम करते हैं। इतने कम वक्त में ही राज्य के आला अधिकारियों को भी समझ आ चुका है कि उन्हें रात के वक्त भी तलब किया जा सकता है। और पूछा जा सकता है कि आपके विभाग में विकास का काम कहां तक पहुंचा।

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