2012 लंदन ओलंपिक में योगेश्वर को मिल सकता है ब्रॉन्ज की जगह सिल्वर मेडल

दिल्ली: रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त खाली हाथ रह गए। लेकिन उनके लिए एक खुशखबरी भी आई है। ये गुड न्यूज जुड़ी है 2012 के लंदन ओलंपिक से। लंदन ओलंपिक में 60 किलोग्राम वर्ग में भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त को ब्रॉन्ज मेडल मिला था। लेकिन अब चार साल बाद उनके मेडल का रंग बदल सकता है। और उन्हें सिल्वर मेडल दिया जा सकता है।

बात हैरान करनेवाली है लेकिन सच्चाई के काफी करीब है। दरअसल लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त 60 किलोग्राम वर्ग में तीसरे नंबर पर रहे थे। इसलिए उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला था। सिल्वर मेडल रुसी पहलवान बेसिक कुदुखोव को मिला था।

अब चार साल बाद उस रूसी पहलवान का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। इसलिए माना जा रहा है कि उसका सिल्वर मेडल तीसरे नंबर पर रहे योगेश्वर दत्त को मिल सकता है जबकि योगेश्वर दत्त का ब्रॉन्ज मेडल चौथे नंबर पर रहे पहलवान को मिल सकता है। कुदुखोव की 27 साल की उम्र में 2013 में एक कार हादसे में मौत हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने लंदन ओलंपिक में इकट्ठा किये सैंपलों का दोबारा परीक्षण किया गया था। ये एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिक के तौर पर किया जाता है। इन सैंपलों को 10 साल तक सुरक्षित रखा जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अगर कोई डोप टेस्ट में एक बार की जांच में बच जाए तो दूसरे टेस्ट में उसे पकड़ा जा सके। ये टेस्ट काफी आधुनिक तरीके से किया जाता है।

हलांकी लंदन ओलंपिक में योगेश्वर के ब्रॉन्ज मेडल को प्रमोट कर सिल्वर मेडल देने का आधिकारिक एलान नहीं किया गया है। लेकिन रुसी पहलवान के डोप टेस्ट में फेल होने के बाद पूरी संभावना है कि इसका एलान हो जाए।

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