432 किलो का समोसा! कहीं और नहीं यूपी के महराजगंज में

अपने इलाके के पिछड़ेपन की तरफ सरकार के योजना निर्माताओं का ध्यान खींचने के लिए युवाओं ने कुछ ऐसा कर दिया कि सभी हैरत में पड़ गए। लेकिन उनकी किस्मत यहां भी दगा दे गई नहीं तो आज उनका नाम भी गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होता।

यूपी में महाराजगंज के युवा इलाके के पिछड़ेपन परेशान हैं। नेताओं से लेकर बाबुओं तक अर्जी लगा दी। लेकिन हालात नहीं बदले। इसलिए हालात बदलने और अपनी आवाज ऊपर तक पहुंचाने के लिए यहां के युवाओं ने एक नई सोच दिखाई। इन युवाओं ने मिलकर 432 किलो का समोसा तैयार कर दिया। इस समोसे को ये सोचकर बनाया गया था कि ऐसे तो नेता, मंत्री यहां आने से रहे समोसा देखने के बहाने ही उनके इलाके की हालत भी देख जाएंगे। हो सकता है आनेवाले दिनों में कुछ अच्छा हो जाए।

महाराजगंज के युवाओं ने 432 किलो का समोसा तैयार तो कर लिया। दावा ये किया गया कि ये दुनिया का सबसे बड़ा समोसा है। इससे पहले 108.08 किलो का समोसा इंग्लैंड में तैयार किया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा समोसा होने के बावजूद इसे गिनीज बुक में दर्ज नहीं करवाया जा सका। क्योंकि इसके लिए 50 हजार रुपये की जरुत थी। युवाओं ने इधर उधर से चंदा भी जुटाया लेकिन रकम पूरी नहीं हुई। जिसके बाद यूपी के महाराजगंज का ये समोसा गिनीज बुक में दर्ज नहीं हो सका।

इस समोसे को 17 घंटे तक लगातार मेहनत कर बनाया गया था। समोसा बनाने वाली टीम की अगुवाई करने वाला रितेश 12वीं के छात्र हैं। इस टीम में विवेक, रामानंद, नवीन, गोपाल, कन्हैया, राजेश, भानु, किशन और दुर्गेश शामिल थे। ये छात्र स्कूल में पढ़ाई करते हैं। इससे पहले इसी गांव के युवाओं ने 50 किलो की जलेबी बनाई था।

इस विशाल समोसे को बनाने में किन-किन चीजों का हुआ इस्तेमाल
समोसे का वजह 432 किलोग्राम है। इसे तैयार करने 2 क्विंटल आलू, डेढ़ क्विंटल मैदे का इस्तेमल किया गया। इसे तलने में 20 किलों वनस्पति घी का इस्तेमाल किया गया। इसे तैयार करने 17 घंटों का वक्त लगा।

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