विश्व अंडा दिवस पर जानें इसके फायदे और मिथक क्या हैं

नई दिल्ली:  हर साल अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विश्व अंडा दिवस मनया जाता है। 1996 ये एक दस्तूर बन गया है। दरअसल इसके पीछे मकसद लोगों को अंडा से मिलने वाले पोषक तत्व के बारे में जानकारी देना है। साथ ही उस भ्रम को तोड़ने की कोशिश है जो अंडे को लेकर लोगों के मन में है। खाने पीने की चीजों में और पौष्टिकता के मामले में अंडा बेहद ही आसानी से तैयार होने वाली चीज है। कम मेहनत और कम वक्त में इसे तैयार किया जा सकता है। यही नहीं इसे कई तरीके से भी तैयार किय जा सकता है।

अंडा प्रोटीन के बेहद ही अच्छा श्रोत माना जाता है। इसमें विटामिन डी, सेलेनियम, बी 6, बी 12, मिनरल्स, आयरन और कॉपर पाया जाता है। यही वजह है कि अंडा को बेहद ही पौष्टिक फूड की श्रेणी में शामिल किया जाता है। न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट भी इसे सेहत के लिए फयदेमंद मानते हैं।

अंडे को लेकर कई तरह के रिसर्च भी किये गए हैं। जिसमें ये बात सामने आई है कि नियमित अंडे का सेवन इंसान को कई बीमारियों से बचाता है। इसके सेवन से दिल की बीमारी से भी बचाव कर सकते हैं। अंडे में सेचुरेटेड फैट कम होता है। साथ ही इसकी बड़ी खासियत ये है कि इसमें ट्रांस फैट नहीं होता है।

इतने सेहतमंद अंडे को लेकर कई तरह के मिथक भी हैं। यहां उसका भी जिक्र किया जा रहा है।

अकसर ये कहते हुए सुना जाता है कि अंडा खाने से केलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है।

जबकि सच्चाई ये है कि अंडा प्रोटीन का अच्छा श्रोत है। इसलिए अपने डाइट में इसे शामिल करने में कोई हर्ज नहीं है। ये बात गलत है कि अंडा खाने से केलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। लेकिन अंडा खाने में थोड़ी सावधानी जरुर बरतें। अंडे की जर्दी सेहत के लिए नुकसानदेह होती है। इसलिए इसे निकालकर केवल सफेद अंडे को खाएं।

ज्यादा अंडे के सेवन से सेहत खराब हो जाता है।

दुनिया में किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है। अंडे के साथ भी ये बात लागू होती है। सेहतमंद होने का मतलब ये नहीं है कि बेहिसाब तरीके से इसका सेवन किया जाए। विशेषज्ञ मानते हैं कि एक दिन में दो अंडे खाना नुकसानदेह नहीं है।

अंडे के रंगों को लेकर भी लोगों में भ्रम है। अकसर लोग ये कहते सुने जाते हैं कि सफेद के मुकाबले ब्राउन अंडा ज्यादा फायदेमंद है। जबकि इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। क्योंकि अंडे का रंग मुर्गी के पिगमेंट पर निर्भर करता है। रंगों का पौष्टिकता से कोई संबंध नहीं है। इसलिए दोनों ही रंग के अंडे समान तरीके से सेहतमंद हैं।

नोट: ये रिपोर्ट रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर निर्भर है। newstrendindia इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसलिए इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह ले लें।

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