पीएम मोदी के लिए बेहद ही खास है ये महिला, एयरफोर्स-1 में करती हैं सफर

नई दिल्ली:  पीएम मोदी का हर विदेश दौरा अपने आप में खास होता है। उसकी चर्चा हर कोई करता है। इस बात का विश्लेषण किया जाता है कि इस विदेश दौरे में पीएम मोदी ने क्या काम किया। किस बात में उन्हें सफलता मिली और उनसे मिलकर दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्षों पर किस तरह का प्रभाव पड़ा। यूएन में पीएम मोदी का भाषण हो या फिर 2014 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा से मुलाकात, हर वक्त पीएम मोदी के साथ परछाईं की तरह एक महिला दिखाई देती हैं। आपको ये बताते हैं कि पीएम मोदी के विदेश दौरे में इनकी क्या भूमिका होती है।

इकनॉमी टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक पीएम के साथ दिखनेवाली इस महिला का नाम है गुरदीप चावला। इनकी भूमिका पीएम मोदी के भाषणों और दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बातचीत के दौरान अनुवाद करने की होती है। यानि ये पीएम मोदी की इंटरप्रेटर की भूमिका निभा चुकी हैं। जो विदेशों में हिंदी में दिये उनके भाषण को शब्दश: अंग्रेजी में ट्रांसलेट करती हैं।

तीन साल पहले जब पीएम मोदी ने पहली बार यूएन में भाषण दिया था तो उसमें दुनिया में फैल रहे आतंकवाद पर मजबूती से अपना रूख साफ किया था। लेकिन पीएम मोदी के साथ साथ एक और भी आवाज थी जिसे महासभा में बैठे दूसरे नेता और विदेशी अंग्रेजी चैनलों पर सुनाई दे रही थी। दरअसल वो आवाज गुरदीप चावला की ही थी।

गुरदीप पीएम मोदी के भाषण को हिंदी से अंग्रेजी में इंटरप्रेट कर रही थीं। इसमें खासबात ये है कि इंटरप्रेट करने से पहले तक उन्होंने एक बार भी पीएम मोदी की स्पीच नहीं देखी थी। वहां जो कुछ हो रहा था वो बिल्कुल लाइव था। यानि गुरदीप पीएम मोदी को सुन रही थीं और उनके रुकते ही उसे अंग्रेजी में अनुवाद कर रही थीं।

उस रात गुरदीप केवल दो घंटे ही सोई थीं। क्योंकि वहां के समय के मुताबिक उन्हें सुबह 9 बजे महासभा में पहुंचना था। इस बात को लेकर वो काफी उत्सुक थीं कि पहली बार उनकी आवाज दुनिया के हर देश के नेता सुनेंगे।

इसके बाद उसी दौरे के दौरान गुरदीप मेडिसन स्क्वायर गार्डन पहुंचीं। जहां पीएम मोदी 2014 में 18,000 भारतीयों और एनआरआई को संबोधित करने वाले थे। इसके बाद गुरदीप पीएम मोदी के खास विमान एयरइंडिया वन उनके साथ ही वाशिंगटन डीसी से रवाना हुईं। उस वक्त गुरदीप तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और पीएम मोदी के बीच हुई बातचीत में इंटरप्रेटर की भूमिका निभा रही थीं।

गुरदीप भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं। और पिछले 27 साल से इंटरप्रेटर का काम कर रही हैं। भारत में जब वो थीं तो 1990 में संसद में उन्होंने इंटरप्रेटर का काम किया था। तब वो केवल 21 साल की थीं। लेकिन उसके बाद 1996 में उनके पति का ट्रांसफर अमेरिका हो गया। इसलिए उन्हें भी वहां जाना पड़ा।

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