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GST पर सरकार एक कदम पिछे, बिल दो कदम आगे, कांग्रेस की मांग मानी

GST पर सरकार एक कदम पिछे, बिल दो कदम आगे, कांग्रेस की मांग मानी

दिल्ली: गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स यानि GST की राह आसान होती दिख रही है। बुधवार को सरकार ने कांग्रेस की तीन में से एक मांग को मान लिया । जिसके बाद अब इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि कांग्रेस का विरोध शांत होगा। कांग्रेस की मांग थी कि सरकार ने जो 1 फीसदी मैन्यूफैक्चरिंग टैक्स लगाया है वो खत्म किया जाए। ये वो टैक्स है जिसे सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर वसूला जाता। लेकिन कांग्रेस इसके विरोध में थी। जिसके बाद सराकर ने इस टैक्स को मौजूदा प्रावधान से हटा दिया है।

इसके अलावे राज्यों की मांग और उनकी चिंता को भी सरकार ने काफी हद तक दूर कर दिया है। सरकार ने कहा है कि GST लागू होने के पहले पांच साल में राज्यों को होनेवाले राजस्व नुकसान की भरपाई की जाएगी। यह भी प्रावधान किया गया है कि GST पर केंद्र और राज्य के बीच विवाद होने पर उसके निपटारे के लिए GST परिषद का गठन किया जाएगा। और वही इसपर फैसला करेगा। इस परिषद में केंद्र और राज्य दोनों के प्रतिनिधि होंगे।

मैन्यूफैक्चरिंग टैक्स खत्म करने के आलावे कांग्रेस ने दो और मांग रखी थी। जिसके मुताबिक कांग्रेस ये चाहती है कि GST में टैक्स की अधिकतम सीमा भी अभी तय कर ली जाए। कांग्रेस टैक्स की अधिकतम सीमा 18 फीसदी रखना चाहती है। जबकि सरकार की तरफ से अधिकतम सीमा पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस की एक और मांग है कि विवादों का निपटारा सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्षता वाली संस्था करे। यहां सरकार का कहना है कि यह प्रावधान संविधान संशोधन नहीं, बल्कि GST एक्ट में शामिल किया जा सकता है।

GST पर अबतक कई दौर की बात चीत हो चुकी है। पिछले दिनों सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक हुई थी। अब अलग अलग राजनीतिक दलों से इसपर बात की जा रही है। कांग्रेस के साथ कई बार अनौपचारिक बातचीत हो चुकी है। लेकिन अब कांग्रेस की तीन में से एक मांग मान लेने के बाद अब इसके आसार बढ़ गए हैं कि GST पर सहमति बन जाए। हलांकि टीएमसी, एनसीपी और जेडीयू ने पहले ही जीएसटी बिल के समर्थन का भरोसा दे दिया है।

क्या है GST ?

GST के तहत एक ही तरह का टैक्स वसूला जाएगा। मौजूदा वक्त में जैसे एक ही सामान पर वैट, सर्विस टैक्स, एक्साइज के नाम पर कई तरह के टैक्स वसूले जाते हैं। GST लागू होने के बाद ये सारे टैक्स खत्म हो जाएंगे और एक ही तरह का टैक्स लगेगा वो होगा GST। देशभर में कोई भी वस्तु एक ही कीमत रहेगी। व्यापारियों को भी इससा फायदा होगा। अलग अलग राज्यों से अगर वो सामान मंगवाते हैं तो उन्हें अलग अलग कीमत नहीं चुकानी होगी। मतलब किसी भी राज्य से सामान मंगवाने पर उन्हें एक तरह की कीमत लगेगी।

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