दो साल बाद रेप का केस दर्ज करवाने पर राजस्थान के गृहमंत्री बोले ‘अबतक चुप क्यों थे?’

नई दिल्ली: लड़की के परिजनों के मुताबिक उनकी बच्ची के साथ दो साल पहले 2015 में स्कूल के 8 शिक्षकों ने गैंगरेप किया था। जिसकी रिपोर्ट परिजनों ने अब दर्ज करवाई है। इस मामले के सामने आने के बाद राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा अगर दो साल पहले रेप हुआ था तो बच्ची ने तब घर में क्यों नहीं बताया।

मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा सामान्य तौर पर तो अगर 8 लोग एकसाथ रेप करें और बच्ची उसी दिन घर पर आकर न बताए यह बात मेरी समझ में नहीं आ रही है। इतने सालों के अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि अगर एक आदमी भी छोटी बच्ची का रेप करे तो उसे पता लग जाएगा कि उसके साथ कुछ दुर्घटना हुई है।

मंत्री ने कहा चुकी आरोप गंभीर है इसलिए इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी।

वहीं राजस्थान के बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने कहा पीड़ित के पिता ने आरोपियों के खिलाफ पहले मामला दर्ज क्यों नहीं करवाया इसकी जांच होनी चाहिए। आरोप काफी गंभीर है और विक्टिम के साथ न्याय होना चाहिए। लेकिन विक्टिम के पिता की तरफ से देरी से केस दर्ज करवाने का मामला जटिल हो गया है।

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पीड़ित बच्ची के पिता ने अपने आरोप में कहा है कि निजी विद्यालय के 8 शिक्षकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसका वीडियो क्लिप भी बनाया। यह घटना अप्रैल 2015 की है।

इस मामले पर राजस्थान की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अनीता भदेल ने रेप के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह रेप केस नहीं है। उन्होंने कहा कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो बताते हैं कि यह रेप केस नहीं है। क्योंकि पीड़ित ने 4-5 साल पहले ही स्कूल छोड़ दिया था। मंत्री ने आगे कहा विक्टिम के पिता ने कहा उन्होंने गलत एफआईआर दर्ज करवा दी थी।

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