narender-modi-arvind-kejriwal

Kejriwal क्यों PM Modi पर ही हमलावर हैं ?

Kejriwal क्यों PM Modi पर ही हमलावर हैं ?

पिछले तकरीबन 15-20 दिनों से दिल्ली सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं का एलान करने में कम और केंद्र की Modi सरकार को कटघरे में खड़ा करने की वजह से ज्यादा सुर्खियों में रही। दिल्ली सरकार को इस रणनीति ने सुर्खियां तो दे दी लेकिन उसके साथ साथ सवाल भी खड़े होते गए। किसी ने दो सरकारों की इस लड़ाई को गली मुहल्ले की लड़ाई करार दिया तो किसी ने इसे स्कूली बच्चों की लड़ाई कह डाला।

दिल्ली की Kejriwal सरकार और केंद्र सरकार के बीच की ये लड़ाई केवल पिछले दो हफ्तों की लड़ाई नहीं है। इसकी शुरुआत तो तभी हो गई थी जब दिल्ली में केजरीवाल की दूसरी बार प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनी थी। दिल्ली सरकार के कामकाज की शुरुआत केंद्र के साथ टकराव को से हुई। पहले दिल्ली पुलिस की मांग की गई, फिर एमसीडी की मांग की गई, एसीबी की मांग की गई। खैर ये बात तो पुरानी हो गई। अब हाल में हो रहे विवादों की वजह जान लेते हैं।

क्यों बढ़ गया है केंद्र-केजरीवाल में टकराव?

  1. गाजीपुर मंडी के प्रधान ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर धमकी देने का आरोप लगाया और गाजीपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई तो सिसोदिया 52 विधायकों के साथ पीएम के सामने समर्पण करने निकल पड़े
  2. संगम विहार से विधायक दिनेश मोहनिया को पुलिस प्रेस कांफ्रेंस से उठाकर ले गई। मोहनिया पर महिलाओं से बदसलूकी का आरोप था और पुलिस ने जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया
  3. गृह मंत्रालय ने बगैर प्रक्रिया का पालन किये दिल्ली सरकार की तरफ से भेजे गए 14 बिल को वापस कर दिया। क्योंकि बगैर उप राज्यपाल की मंजूरी लिए बिल को विधानसभा में पेश किया गया था
  4. वाटर टैंकर घोटाले में सीएम Kejriwa की भूमिका की भी जांच हो रही है। क्योंकि उनपर 11 महीनों तक जांच रिपोर्ट को दबाकर रखने का आरोप है
  5. प्रीमियम बस घोटाले में पूर्व परिवहन मंत्री गोपाल राय के खिलाफ जांच। आरोप ये है कि एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई
  6. आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की सदस्यता खतरे में है। मार्च 2015 में इन विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था। लेकिन राष्ट्रपति ने नियुक्ति को गैर संवैधानिक करार दिया। और आप के ये 21 विधायक लाभ के पद के चक्कर में फंस गए। इसके अलावे 14 अन्य विधायको पर भी मुसीबत की तलवार लटक रही है।

ये वो पांच वजह है जिसके चलते केजरीवाल केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इसमे केजरीवाल का कहना है कि उनके विधायक दिनेश मोहनिया को पीएम मोदी के ईशारे पर प्रेस कांफ्रेंस से उठाया गया, थाने में सिसोदिया की शिकायत की गई है इसलिए उन्हे ये आशंका है कि पुलिस सिसोदिया को गिरफ्तार कर सकती है। केंद्र सरकार की तरफ से 14 बिल लौटाए जाने पर दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया कि मोदी जी हमें काम नहीं करने देते। जबकि बिल को वापस इसलिए कर दिया गया था क्योंकि इसमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। टैंकर घोटाले में जान बूझकर केजरीवाल के खिलाफ जांच के आदेश दिये गए। जबकि शीला दीक्षित के समय टैकर घोटाला हुआ था। लेकिन विरोधी के इस सावल का कोई जवाब नहीं दे पाए केजरीवाल कि गड़बड़ी की रिपोर्ट मिलने के बाद भी उन्होंने 11 महीने तक जांच के आदेश क्यों नहीं दिये। जब राष्ट्रपति ने विधायकों को संसदीय सचिव बनाने पर सवाल उठा दिये तो Kejriwalकी तरफ से कहा ये गया कि पीएम Modi के कहने पर राष्ट्रपति ने फाइल वापस कर दी।

ये वो वजह है जिसके चलते देश की राजधानी दिल्ली आरोपो और प्रदर्शन की राजधानी बन गई है। इस प्रदर्शन में खास बात ये है कि यहां एक सरकार दूसरे सरकार पर आरोप लगा रही है। संदेश ये दिया जा रहा है कि हम सही हैं, दिल्लीवाले सही हैं गड़बड़ी केद्र की तरफ से हो रही है।

जबकि संविधान के जानकार बताते हैं कि दिल्ली में कोई भी प्रशासनिक फैसला बगैर उपराज्यपाल और गृह मंत्रालय की मंजूरी के नहीं ली जा सकती। क्योंकि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है।
-Arvind Kejriwal, PM Narender Modi, Delhi Chief Minister, Delhi Government, Modi Government, Manish Sisodia, Sheil Dikshit

Loading...

Leave a Reply