पीएम नरेंद्र मोदी के लिए यूपी का बलिया क्यों है खास ?

  • बलिया विजिट के बाद ही गुजरात के सीएम बने थे मोदी
  • लोकसभा चुनाव में भी बलिया की भूमिका थी

उत्तर प्रदेश के बलिया से केंद्र सरकार खासकर पीएम नरेंद्र मोदी अपनी एक और योजना की शुरुआत कर रहे हैं। इसबार पीएम बलिया की महिलाओं के लिए उज्जवला योजना का सौगात लेकर आए। जिसके तहत 5 करोड़ गरीब महिलाओं को गैस के कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। पीएम के इस दौरे को लेकर पूर्वांचल के इस इलाके में लोगों के बीच खासकर महिलाओं में खुशी इस बात को लेकर है कि अब रसोई के धुएं में उनका दम नहीं घुटेगा। ये तो बात हुई बलिया की जनता की। लेकिन क्या पीएम मोदी का बलिया से कनेक्शन केवल गैस चूल्हे, सिलिंडर और गैस कनेक्शन देने तक ही है?

अगर आप का जवाब हां में है तो शायद आप गलत हैं। क्योंकि पीएम मोदी का बलिया प्रेम तब से है जब वो पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। जी हां बात 2001 की हो रही है। सितंबर 2001 में नरेंद्र मोदी ने बलिया का दौरा किया था। उसके तकरीबन एक हफ्ते बाद ही वो गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए थे। ये एक तरह से अप्रत्याशित था। हलांकी तब गुजरात में जिस तरह से केशूभाई पटेल अपनी धार खो रहे थे और विवादों में घिर रहे थे उसके बाद नरेंद्र मोदी बीजेपी नेतृत्व के सामने एक मजबूत उम्मीदवार बनकर उभर रहे थे। राज्य में बीजेपी एक विषम परिस्थिति से गुजर रही थी। उस दौर में पार्टी नेतृत्व को नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व भा गया। और राज्य की सत्ता उन्हें सौंप दी गई। लेकिन वो चमत्कार बलिया दौरे के बाद ही हुआ। बलिया भ्रमण से मोदी केवल 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री ही नहीं बने।

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जो ऐतिहासिक जीत हासिल की उसके पीछे भी बलिया की अपनी भूमिका रही। बलिया की इस भूमिका को अगर ‘लकी बलिया’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने अपने प्रचार अभियान का समापन बलिया से ही किया। बलिया से चुनाव प्रचार के समापन ने नरेंद्र मोदी को एक नई शुरुआत दे दी, जिसके बाद वो देश के प्रधानमेंत्री बन गए। इसे महज एक संयोग नहीं कहा जा सकता। अप्रत्यक्ष रुप से ही सही खुद पीएम मोदी भी इस बात को मान चुके हैं कि बलिया की भूमिका उनके राजनीतिक करियर में अहम है। शायद यही वजह है कि बलिया में पीएम मोदी की रैली महज एक सरकारी योजना का शुभारंभ भर नहीं है। उज्जवला योजना की शुरुआत तो बलिया से होगी। लेकिन इसके साथ –साथ एक तरह से मोदी का बलिया विजिट यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज भी होगा। हलांकी यूपी में विधानसभा चुनाव में अभी तकरीबन 10 महीने का वक्त बाकी है। लेकिन 19 मई को पश्चिम बंगाल, असम जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी पूरी तरह से यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटेगी। क्योंकि उससे पहले कोई चुनाव नहीं है। और यूपी चुनाव प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य के लिए भी बड़ी चुनौती है। क्योंकि लोकसभा चुनाव में इसी यूपी ने बीजेपी को केंद्र में सत्ता तक पहुंचाया था। अब बीजेपी ये उम्मीद लगाए बैठी है कि यूपी की जनता उन्हें लखनऊ तक भी पहुंचा दे।

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