अगस्ता वेस्टलैंड पर सुब्रमण्यम स्वामी पर क्यों भड़की कांग्रेस ?

अगस्ता वेस्टलैंड पर सुब्रमण्यम स्वामी पर क्यों भड़की कांग्रेस ?

  • मानक 6000 से घटाकर 4500 क्यों किया गया ?
  • स्वामी के सवालों पर घिर गई कांग्रेस !

राज्य सभा में अगस्ता वेस्टलैंड पर जब बहस की शुरुआत हुई तो विरोधी आक्रामक तेवर में थे। अगर सभी विरोधियों के विरोध और सवालों का निचोड़ निकाला जाए तो एक सवाल है जिसपर सभी दलों ने मौजूदा एनडीए सरकार को कटघरे में खड़ा किया वो ये था कि केंद्र में दो साल से एनडीए की सरकार है लेकिन अगस्ता वेस्टलैंड घूसकांड में सरकार ने गंभीर होकर जांच क्यों नहीं करवाई ?

खैर ये तो बात और सवाल विपक्ष का था। लेकिन जब विपक्षी दलों ने अपने सवाल पूछ लिये तो बीजेपी की तरफ से सुब्रमण्यम स्वामी जवाब देने के लिए खड़े हुए। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा की जो भी आरोप लगाए गए हैं वो तथ्यों पर आधारित हैं। यूपीए सरकार ने अगस्ता के पक्ष में नियमों में बदलाव किया। 2006 में यूपीए सरकार ने हेलिकॉप्टर के उड़ने की ऊंचाई घटा दी। पहले ऊंचाई 6000 मीटर रखी गई थी जिसे घटाकर 4500 मीटर कर दिया गया। स्वामी ने कहा की ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अगस्ता 4500 से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ सकता था। हेलिकॉप्टर के केबिन के मामले में भी पक्षपता किया गया। अगस्ता के केबिन की ऊंचाई 1.80 मीटर है। जिस हेलिकॉप्टर को खरीदा जाना था उनका टेस्ट नहीं हुआ लेकिन जिसे नहीं खरीदा जाना था उनका टेस्ट किया गया। यहीं नहीं रुके स्वामी।

स्वामी ने कहा की 6 गुणा ज्यादा कीमत पर डील तय की गई। तब के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 793 करोड़ रुपये में डील फाइनल की थी। लेकिन वो डील आगे चलकर 4877.5 करोड़ तक पहुंच गई। स्वामी ने पूछा ये कैसे हुआ ? जबकि एक बार डील हो जाने के बाद कीमतों में बदलाव नहीं होता। आखिर एंटनी के ऊपर ऐसा कौन बैठा था जिसके आगे एंटनी की बात नहीं मानी गई । स्वामी ने ये भी कहा की मनमोहन सिंह आदेश नहीं दे रहे थे आदेश कोई और दे रहा था। क्या मनमोहन सिंह ने किसी का आदेश माना ? उन्होंने कहा इटली के फैसले में कई नाम आए हैं। जिसमें अधिकारी, नेताओं के नाम भी शामिल हैं। स्वामी ने कहा की एके एंटनी प्रेस के सामने घूस की बात मान चुके हैं।

स्वामी की बात आगे बढ़ी तो उसमें क्रिश्चियन मिशेल की चिट्ठी का जिक्र भी हुआ। स्वामी ने कहा की क्रिश्चियन की तरफ से हाथ से लिखे नोट पक्का सबूत हैं। हाथ से लिखे नोट में रकम का जिक्र है। स्वामी ने कहा की इटली की कोर्ट ने अपने फैसले में किसी AP के नाम का जिक्र किया है। ये AP कौन है इस बारे में पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा की फैसले की कॉपी में जो लिखा गया है उसके मुताबिक AP कोई निजी सचिव है।
राज्य सभा में जब सुब्रमण्यम स्वामी अपनी बात रख रहे थे उसी दौरान स्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम तो नहीं लिया लेकिन कुछ ऐसा कह गए की पूरी कांग्रेस एक तरफ थी और सरकार एक तरफ। हंगामा कुछ इस कदर शुरु हुआ की बीच में उप सभापति को आना पड़ा। दरअसल स्वामी ने राज्य सभा में क्रिश्चियन मिशेल का खत पढ़ा। जिसके बारे में उन्होंने कहा की उसमें सोनिया को ड्राइविंग फोर्स बताया गया है। जिस तरह से स्वामी ने ईशारों में सोनिया पर निशाना साधा था उसकी सत्यता पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिये। हंगामा बढ़ता देख उप सभापति ने स्वामी की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों की सत्याता पर सवाल उठाए। जैसे तैसे मामला शांत हुआ। लेकिन स्वामी इतना कह गए की बिचौलिया हश्के ने जिस तरह से अपने खत में नेताओं और अफसरों के नाम लिये हैं उसपर सभी से पूछताछ होनी चाहिए।

अगस्ता पर कांग्रेस गुगली बेअसर ?
congressanandsharmaस्वामी ने सवाल उठाए थे कि हेलिकॉप्टर के उड़ने की ऊंचाई कम क्यों की गई? इसका जवाब देते हुए आनंद शर्मा ने कहा की VVIP 4500 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई पर उड़ान नहीं भरते। तो फिर अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर की ऊंचाई 6000 क्यों की गई थी? आनंद शर्मा ने कहा की 1999 में ये सबकुछ शुरु हुआ। 2003 में 4 कंपनियों ने प्रस्ताव दिया। स्वामी ने कहा था कि यूपीए ने सिंगल वेंडर ऑप्शन दिया था। जबकी आनंद शर्मा ने कहा की सिंगल वेंडर की बात गलत है और 2 वेंडर ने मानक पूरा किया। स्वामी ने कहा था कि अगस्ता का ट्रायल नहीं किया गया। इसपर कांग्रेस का कहना था कि दूसरे हेलिकॉप्टर से टेस्ट नहीं किया गया। बल्की अगस्ता का ही टेस्ट किया गया। टेस्ट देश से बाहर करवाने के आरोप पर आनंद शर्मा ने कहा की 1999-2004 में एनडीए सरकार की तरफ से ही ट्रायल बाहर करवाने की बात कही गई। यानि एक तरह से कांग्रेस ने अपनी गुगली कांग्रेस की तरफ फेंक दी। लेकिन ये कितनी कारगर होगी इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। फिलहाल कांग्रेस बैकफुट पर ही नजर आ रही है।

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