भारत में रोजाना क्यों मर जाते हैं 50 बच्चे ?

भारत में रोजाना क्यों मर जाते हैं 50 बच्चे ?

  • जानिये क्या है बच्चों की मौत की वजह ?
  • कौन सी बीमारी भारत में बन सकती है महामारी ?

भारत में एक महीने से 14 साल तक की उम्र के 50 बच्चों की मौत रोजाना हो जाती है। इन मौतों की वजह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है। बल्की इनकी मौत की वजह है कैंसर । हाल के दिनों में किये गए एक रिसर्च से ये बात निकलकर सामने आई है। जिसमें कहा गया है कि कैंसर की बीमारी के इलाज में होनेवाले खर्च और एडवांस तकनीक की कमी की वजह से बच्चों को मौत को गले लगाना पड़ता है। एक पत्रिका ग्लोबल ऑनक्लोजी में ये रिपोर्ट छापी गई। जिसमें कहा गया है मध्यम वर्ग और आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की तादाद ज्यादा होने की वजह से भारत में इस तरह की बात हो रही है। दरअसल भारत में बच्चों में होनेवाले कैंसर और इसे लेकर जागरुकता फैलाने की दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

ऐसा नहीं है कि कैंसर की बीमारी केवल भारत में ही है। विकसित देशों में भी कैंसर एक भयावह बीमारी है। लेकिन उन देशों में इससे लड़ने के लिए एक अलग और सक्षम रणनीति बनाई गई। विदेशों में तकरीबन 80 फीसदी बच्चे कैंसर के शिकार होते हैं। लेकिन वक्त पर और बेहद आधुनिक तरीके से इलाज की सुविधा मौजूद रहने की वजह से उन्हें कैंसर से छुटकारा मिल जाता है। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थान जिसमें यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो, मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के रिसर्चर भी शामिल थे उन्होंने पाया की भारत में 10 लाख में 37 बच्चे हर साल कैंसर के शिकार होते हैं।

लैंसेट की तरफ से 2014 में एक रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसमें कहा गया था कि भारत में कैंसर एक महामारी का रुप लेने जा रहा है। देश में हर साल कैंसर के 10 लाख मरीज सामने आते हैं। वहीं WHO की तरफ से ये अनुमान लगाया गया है कि 2025 तक भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या तकरीबन 5 गुणा बढ़ जाएगी ।

कैंसर की बीमारी में बढ़ रहे मौत के आंकड़ों के पीछे सबसे बड़ी वजह है इलाज का बेहद खर्चीला होना। AIIMS की तरफ से एक अंदाजा लगाया गया है जिसमें ये कहा गया है कि एक साल में औसत आमदनी करने वाले परिवारों की कमाई से 20 गुणा ज्यादा खर्च कैंसर के इलाज पर होता है। कैंसर की बीमारी से हो रही बच्चों की मौत एक खतरे की घंटी है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसपर एक ठोस रणनीति बनाने की तैयारी में है। लेकिन उस रणनीति और उस नीति की कामयाबी इस बात पर तय होगी जबकी लोगों की लाइफस्टाइल में सुधार की जाए, तंबाकू पर प्रतिबंध लगाया जाए, खाने-पीने की आदत में सुधार लाया जाए और इसके एक सघन अभियान और एक ईमानदार कोशिश की जाए।

Loading...

Leave a Reply