क्या पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगेगी रोक ?

कश्मीर मामले पर लोकसभा में बयान देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल और उसके विकल्प का भी जिक्र किया । गृह मंत्री ने कहा कि पैलेट गन के इस्तेमाल की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाएगी। जिसे दो मीहने में रिपोर्ट देने को कहा जाएगा। कमेटी से कहा जाएगा कि पैलेट गन का दूसरा विकल्प क्या हो सकता है। कमेटी से ये भी सुझाव देने के लिए कहा जाएगा कि जिस तरह से पैलेट गन नॉन लिथल वेपन है उस तरह से दूसरा नॉन लिथल वेपन क्या इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे की उग्र होती भीड़ को काबू में किया जा सके।
क्या होता है पैलेट गन?

पैलेट गन एक नॉन लिथल वेपन है। यानि ये जानलेवा हथियार नहीं है। इसमे रबर की गोली का इस्तेमाल होता है। एक कार्ट्रेज में 400 आयरन बॉल होते हैं। जिसे फायर करने के बाद ये चारो तरफ फैल जाते हैं। यानि एक बार फायर करने के बाद ये पैलेट गन से निकलने वाले पैलेट्स कई लोगों को घायल करते हैं। इसे प्रदर्शनकारियों पर 300 मीटर की दूरी से दागा जाता है।

अक्सर इस तरह के पैलेट्स गन का इस्तेमाल भीड़ को नियंत्रित या तितर बितर करने के लिए किया जाता है। कश्मीर में भी जब हालात बेकाबू हुए तो इस पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। जिससे की लोगों को गंभीर चोट आई और कई के आंखों की रौशनी चली गई। जिसके बाद इसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए जा रहे थे। कश्मीर में इससे ज्यादा नुकसान होने की एक वजह ये भी है कि वहां प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों के काफी करीब पहुंच गए थे।

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