आसनसोल दंगा में डीसीपी ने गंवाया हाथ, हिंसा में लगा था बम, Video

आसनसोल/प.बंगाल:  पश्चिम बंगाल के आसनसोल के रानीगंज में सोमवार को हालात तब तनावपूर्ण हो गए थे जब रामनवमी के जुलूस पर समुदाय विशेष ने हमला कर दिया था। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई। मौके पर गोलियां और बम भी चलाए गए। जिसमें कई लोग घायल भी हुए। हालात को काबू करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

सबकुछ सामान्य हो इसके लिए पुलिस को भी बल प्रयोग करना पड़ा। कई जगह आगजनी और गोलीबारी की गई थी। जिसके बाद पुलिस की तरफ से बल प्रयोग शुरु हुआ। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उन्हीं में से एक थे आईपीएस अफसर अरिंदम दत्ता चौधरी। आईपीएस अफसर डीसीपी अरिंदम दत्ता की तैनाती आसमसोल के दुर्गापुर में थी।

रानीगंज हिंसा में 51 नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अबतक 19 को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने डीजे के मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। जिसमें कहा गया है कि 26 मार्च को रामनवमी जुलूस निकाला गया था। जिसमें डीजे बजाया जा रहा था। रामनवमी जुलूस में एक गीत बज रहा था। उस गीत को कर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। जिसमें दोनों पक्षों में विवाद शुर हो गया। जिसके बाद पत्थरबाजी, आगजनी और बमबाजी शुरु हो गई।

आक्रामक होती भीड़ को काबू करने के दौरान उनका हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गया। जिसके बाद उन्हें बाकी पुलिसबलों ने मिलकर किसी तरह से अस्पताल तक पहुंचाया। उनकी हालत इतनी बुरी हो चुकी थी कि वो खुद से चलने के लायक भी नहीं थे। उनका दाहिना हाथ पूरी तरह से लहू लुहान था।

अपद्रवियों ने यहां कई घरों को आग के हवाले कर दिया था। कई दुकानों में आग लगा दी गई। उस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई थी। जिसमें से एक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। आसनसोल से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रीयो ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनका हाथ काटना पड़ा। आईपीएस अफसर अरिंदम दत्ता चौधरी को अपना हाथ हमेशा के लिए गंवाना पड़ा। आईपीएस एसोसिएशन ने ट्वीटर पर इस घटना के बारे में जानकारी दी है। और अरिंदम के साथ जो कुछ भी हुआ उसपर गहरा दुख जताय है।

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