चीन को उसी की भाषा में भारत का जवाब ‘हमें गिफ्ट में नहीं चाहिए NSG की सदस्यता’




नई दिल्ली: कुछ दिन पहले चीन ने भारत की NSG सदस्यता की दावेदारी पर तंज कसा था। चीन ने जिस भाषा में तंज कसा था भारत ने उसी अंदाज में चीन को जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि भारत एनएसजी सदस्यता गिफ्ट के तौर पर नहीं चाहता, बल्कि इसके लिए हमारी दावेदारी हमारी परमाणु-अप्रसार के शानदार रेकॉर्ड पर आधारित है।

दरअसल चीन ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति जाते-जाते किसी को विदाई गिफ्ट के तौर पर NSG सदस्यता नहीं दे सकते। चीन ने ये बयान ओबामा प्रशासन के उस बयान के जावाब में दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि NSG के लिए भारत की दावेदारी में चीन सबसे बड़ा रोड़ा है। चीन की तरफ से हर वो कोशिश की जा रही है जिससे कि भारत को NSG की सदस्यता नहीं मिल सके।

चीन के इस अड़ियल रुख के बावजूद भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन चीन की तरफ से खड़ी की जा रही बाधा से पार पा जाएगा और भारत को इस प्रतिष्ठित ग्रुप का सदस्य बनाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा चीजें काफी जटिल हैं, इसमें समय लग रहा है और इसमें कई पक्ष शामिल हैं। हमें चीन समेत उन तमाम देशों से बातचीत जारी रखनी होगी जिन्हें भारत की NSG सदस्यता पर आपत्ति है।

भारत की NSG सदस्यता पर चीन दोहरी चाल चल रहा है। एक तरफ तो वो भारत की दावेदारी का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तखत नहीं किये हैं। लेकिन दूसरी तरफ वो NSG सदस्यता के लिए पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने भी NSG सदस्यता के लिए आवेदन कर रखा है।

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