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एंड्रॉयड फोन पर पॉर्न देखकर बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं, आपका फोन बेकार हो जएगा

एंड्रॉयड फोन पर पॉर्न देखकर बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं, आपका फोन बेकार हो जएगा




नई दिल्ली: मोबाइल फोन पर पॉर्न साइट देखने की आपकी आदत मुसीबत को बुलावा भेज सकती है। अगर आपकी ऐसी आदत है तो आप अनजाने में एक स्कैम में फंस सकते हैं। जो लोग एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर इस तरह की पॉर्न साइट को देखते हैं उनके लिए खतरा और भी ज्यादा है। क्योंकि साइबरक्रिमिनल इस तरह के फोन को ज्यादा निशाना बना रहे हैं।

सिक्यॉरिटी कंपनी ESET के रिसर्च के मुताबिक साइबर क्रिमिनल्स लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए पॉर्नहब के नाम का सहारा ले रहे हैं। साइबर क्रिमिनल्स ने इस साइट को इसलिए चुना है क्योंकि पॉर्न कंटेंट देखने के लिए लोग आमतौर पर इसी वेबसाइट को ऐक्सेस करते हैं। दरअसल साइबर क्रिमिनल्स ने पॉर्न हब के नाम से फर्जी ऐप बनाया है। जिसे यूजर्स असली समझकर डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद साइबर क्रिमिनल्स यूजर के स्मार्टफोन का एक्सेस हासिल कर लेते हैं और फोन को लॉक कर देते हैं।

ESET की रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्टफोन यूजर्स ये सोचते हैं कि उन्होंने पॉर्न हब का ऑफिशियल ऐप डाउनलोड किया है। लेकिन हकीकत में ये रैनसमवेयर होता है। जो यूजर को पॉर्न कंटेंट दिखाने का झांसा देकर फोन लॉक कर देता है। जिसके बाद उसे अनलॉक करने के बदले 100 डॉलर तक की रकम मांगी जाती है। यही नहीं साइबर क्रिमिनल्स फोन का डेटा चोरी करने की धमकी भी देते हैं।

रैनसमवेयर उस सॉफ्टवेयर को कहा जाता है जिसके बदले साइबर क्रिमिनल्स लोगों के डिवाइस को हैक कर लेते हैं। और बाद में यूजर को ब्लैकमेल करते हैं। लोग इसलिए इस रैनसमवेयर का शिकार हो जाते हैं क्योंकि पॉर्नहब का ऑफिशियल ऐप भी है। लेकिन वो गूगल प्ले स्टोर पर नहीं मिलता। क्योंकि गूगल प्ले स्टोर पर पॉर्न कंटेंट को जगह नहीं दी जाती है।

इसलिए लोग इस ऐप की apk फाइल सर्च करते हैं और इसी का फायदा उठाकर साइबर क्रिमिनल्स रैनसमवेयर्स भी पॉर्न हब ऐप के नाम से डाल देते हैं।

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