Video: जिस स्कूल बस से कुछ सेकेंड पहले बच्ची उतरी थी उसी बस ने कुचल दिया

नीरज झा/डेस्क

नई दिल्ली: बच्चों को स्कूली बस से उतरते समय सावधानी रखना जरुरी है। क्योंकि हादसा कभी भी हो सकता है। अपने बच्चों को लेकर आपको सावधान करने के लिए ही यहां इस घटना को प्रकाशित किया जा रहा है। क्योंकि बच्चे परिवार के लिए अनमोल धरोहर होते हैं और उसकी हिफाजत करना हर अभिभावक की पहली प्राथमिकता है। केवल टीचर या स्कूल बस के ड्राइवर के भरोसे अपने बच्चों को नहीं छोड़ें।
इन दिनों एक विडियो वाइरल हो रहा हैं। वीडियो में एक बच्ची स्कूल बस से उतरती है और  स्कूल बस के  ठीक सामने से सडक पार करने के लिए आगे बढती है। लेकिन ऐन मौके पर ही बस ड्राइवर ने लापरवाही से बस आगे बढ़ा दी। ड्राइवर इतनी जल्दबाजी में था कि उस बस के नीचे बच्ची को रौंदता हुआ निकल गया। ड्राइवर ने बस में ब्रेक तब लगाई जब उसके आगे और पीछे के दोनों पहिये बच्ची के शरीर के ऊपर से गुजर गए।
ये पूरा हादसा वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। बस के रुकते ही तुरंत बाद वहां मौजूद लोग मौके पर पहुंचते हैं। और बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। इतने पर ही ये वीडियो खत्म हो जाती है। इसलिए ये पता नहीं चल सका कि बच्ची का इस हादसे के बाद क्या हुआ। इस वीडियो से ये भी साफ नहीं हो पा रहे है कि ये घटना कब और कहां की है।
 कुछ ऐसे भी मामले देखने को मिलते हैं कि बस कंडक्टर के पास बच्चों के नाम, पते और रुकने के प्वाइंट तक का विवरण उपलब्ध नहीं रहता। स्कूल बस के ड्राइवर का नाम, बैच नंबर, स्कूल और बस मालिक का नाम, टेलीफोन नंबर और परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर तक नहीं लिखे हैं। कई मामलों में तो ड्राइवर-कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया जाता। ज्यादातर स्कूल बसों में जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नस और फायर उपकरण तक नहीं लगे रहते हैं । बसों में महिला अटेंडेंट और महिला गार्ड तैनाती नहीं होती है।
आज पूरा परिदृश्य बादल गया है लेकिन छात्रों के आवागमन की समस्या अब भी बनी हुयी है क्योंकि ‘पब्लिक स्कूल संस्कृति’ के नाम पर बड़ी संख्या में बच्चे ऑटो रिक्शा में ठूंस कर समान की तरह स्कूल ले जाए जाते हैं। हम बच्चों की सुरक्षा को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जब 15 या उससे भी ज्यादा बच्चे एक छोटे से ऑटो रिक्शा में ठूंस दिये जाते हैं, उनके बैग, और पानी की बोतल उसी वाहन में चारों ओर लटकी रहती हैं। कल्पना कीजिये, अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में ऑटो पलट सकता है और उससे बच्चों की मुस्कान और खुशी हम सबके लिए दर्दनाक पीड़ा में बदल सकती है।
मस्ती की सवारी या मौत का फंदा ?
उनके चेहरों को देखिये। उनकी अलमस्त मुस्कान उन्हें अपनी ही दुनिया में डुबोए हुये है। यह सब आपकी लापरवाही से एक डरावने सपने में परिवर्तित हो सकता है। कल्पना कीजिये क्या होगा यदि एक तेज रफ्तार कार पीछे से टक्कर मार दे, या आपको अचानक ब्रेक लगाना पड़े जिससे बच्चे बाहर गिर पड़ें और पीछे से आ रही कार की चपेट में आ जाएँ। क्या आप ऐसा होने देना चाहेंगे?
बंच्चो को  स्कूली बस से उतरते समय सावधानी जरूरी है क्योंकि  ड्राइवर हमेशा ही हडबडी में रहता है। इस वीडियो में बच्ची के साथ जो कुछ वो बेहद ही दर्दनाक है, ये भी सच है कि इस तरह का हादसा किसी के भी साथ हो सकता है। इसलिए सावधानी जरुरी है।
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