बिहार की ओलावृष्टि देखकर हिमाचल, कश्मीर की बर्फबारी भूल जाएंगे, Video

नीरज झा/डेस्क

पटना/बिहार:  शुक्रवार का दिन बिहार में मौसम की बदलती करवटों के नाम रहा। एक दो नहीं कई जिलों में आसमान से बरसते ओलों ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। सुबह तकरीब साढ़े दस बजे मौसम ने करवट लेना शुरु किया। आसमान में उमड़ते काले बादल मौसम के संदेशवाहक बनकर ये बताने आ चुके थे कि आज कुछ तूफानी होने वाला है। आसमानी बादलों के इस संदेश को धरती पर चहलकदमी करते इंसानों ने करीब से पढ़ा और कोशिश शुरु हुई घर के बाहर रखे अपने सामान को सुरक्षित करने की।

किसान खेतों की तरफ भागे क्योंकि उन्होंने लाखों के कीमती फसल खुले में छोड़ रखे थे। लेकिन उनकी मजबूरी ये थी कि फसल अभी पूरी तरह से पकी नहीं थी और उस अधपके फसल को वो खेतों से अपने घर तक ला नहीं सकते थे। इसलिए बस अपनी लहलहाती फसल के दर्शन कर ऊपरवाले के सामने हाथ जोड़ लिया। बाकी सबकुछ किस्मत पर छोड़ दिया।

चंद मिनटों के बाद ही जो बादल अबतक आसमान में दूत की भूमिका में दिखाई दे रहे थे उन्होंने अब अपने उस संदेश की पुष्टि करनी शुरु कर दी। काले बादलों से घिरे आसमान से पानी की भारी बूंद जमीन की तरफ रवाना हो चुकी थी। हवा की गति तेज हो चुकी थी और लोग खुद को सुरक्षित रखने का ठिकाना ढूंढ रहे थे।

इसी दौरान आसमान से पानी की भारी बूंदों के साथ साथ सफेद ओले धरती की झोली में गिरने लगे। चंद मिनट पहले जहां हरी घास और मैदान की मिट्टी दिखाई दे रही थी वहां अब बर्फ की सफेद चादर बिछ चुकी थी। तेज बारिश और ओले गिरने की गति जिस रफ्तार से बढ़ रही थी हवाओं ने भी अपनी रफ्तार बढ़ा दी।

जिन घरों के छप्पर कमजोर थे और तेज हवाओं का सामना नहीं कर सके वो उजड़ते चले गए। जिन कच्चे मकानों के छप्पर कमजोर थे और ओले की चोट का सामना नहीं कर सके वो टूटते चले गए। जमाना स्मार्ट फोन का है जिसमें धरती के रंगमंच पर उन आसमानी कलाकारों के अभिनय कैद हो रहे थे। आप भी देखिये बिहार का वो शुक्रवार…

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