वाराणसी फ्लाइओवर हादसा: मिनी बस, ऑटो, बाइक और कई गाड़ियां मलबे में दबी

वाराणसी: वाराणसी के कैंट स्टेशन के पास हुए बड़े हादसे में मरनेवालों का आंकड़ा सही सही बता पाना अभी मुमकिन नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फ्लाइओवर के मलबे में दबकर मरनेवालों की संख्या 50 के करीब हो सकती है। हलांकि अभी 12 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। जिस तरह से ये हादसा हुआ उसके बाद स्थानीय लोगों में भी काफी गुस्सा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इतना बड़ा निर्माण कार्य हो रहा था लेकिन ट्रैफिक को नहीं रोका गया। जबकि इसके बारे में कई बार मांग की गई थी। इसके बावजूद इसपर ध्यान नहीं दिया गया। जिस फ्लाइओवर का निर्माण हो रहा था उसके नीचे से कई बड़ी बसें भी गुजरती थीं। जिस वक्त हादसा हुआ तब वहां पर काफी हैवी ट्रैफिक होता है।

क्योंकि पास ही अस्पताल हैं, कॉलेज है, बाजार है। जिसकी वजह से शाम के वक्त वाराणसी में इस कैंट स्टेशन के पास काफी ज्यादा भीड़ हो जाती है। कई लोग इस फ्लाइओवर के नीचे अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फ्लाइओवर के मलबे में एक मिनी बस, 4-5 बोलेरो गाड़ियां, कई बाइक और वहां से गुजर रहे थे। लेकिन जैसे ही फ्लाइओवर का गाडर गिरा सभी गाड़ियां और लोग इसके नीचे जब गए। इस फ्लाइओवर का निर्माण वाराणसी के कैंट स्टेशन से लहरतारा के बीच करवाया जा रहा था। इसका निर्माण यूपी सरकार करवा रही थी। निर्माण कार्य की देखरेख राज्य सेतु निगम कर रहा था।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे और लापरवाही की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसे 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। सीएम योगी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी ने हादसे में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों के लिए 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है।

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