अमेरिका में चर्च पर बड़ा हमला, 26 लोगों की हत्या, 20 से ज्यादा घायल

नई दिल्ली:  दक्षिण अमेरिका के टेक्सास में चर्च को निशाना बनाया गया है। हमलावर ने चर्च के भीतर घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी। जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। अबतक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अमेरिकी समय के मुताबिक ये हमला रविवार को दिन के करीब 11 बजे हुआ। चर्च में उस वक्त रविवार को प्रार्थना सभा चल रहा था। तभी बंदूक लेकर घुसे शख्स ने फायरिंग शुरु कर दी। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही कई लोग उसकी गोलियों का शिकार बन गए।

इस हमले के बाद अमेरिकी खुफिया एफबीआई और अमेरिकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। जवाबी कार्रवाई में चर्च पर हमला करनेवाला शख्स मारा गया। उसकी उम्र 26 साल बताई जा रही है। अभी ये पता नहीं चल सका है कि हमलावर ने चर्च को निशाना क्यों बनाया। पिछले एक महीने में अमेरिका में ये तीसरा बड़ा हमला है। इस हमले को लोन बुल्फ तरीके से अंजाम दिया गया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इन दिनों एशिया के दौरे पर हैं। उन्होंने ट्वीट कर इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंन लिखा हम पीड़ितों के परिवार के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। मैं जापान से ही लगातार नजर बनाए हुए हूं।

क्या है लोन वुल्फ हमला?

आतंकी इसबार अपने मंसूबे को अंजाम देने के लिए Lone Wolf तरीके को अपना रहे हैं। दरअसल हमले का ये तरीका आमतौर पर आईएस के आतंकी अपनाते हैं। इसमें एक हमलावर हाथ में बड़ा चाकू लेकर भीड़ में घुसता है और लोगों की गर्दन काटना शुरु कर देता है। इस हमले में आमतौर पर 10 से 12 इंच लंबे चाकू का इस्तेमाल किया जाता है। चुकी हमला भीड़ के बीच पहुंचकर किया जाता है इसलिए इसके बाद भगदड़ मच जाती है और हमलावर उसी भगदड़ का फायदा उठाकर एक के बाद एक लोगों को अपना शिकार बनाता है। सुरक्षा बलों के लिए इस तरह के हमले में आतंकी को काबू में कर पाना काफी मुश्किल होता है। क्योंकि आतंकी भीड़ के बीच घिरा रहता है।

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