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मोदी से प्रभावित होकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक्सपोर्ट नियमों में किये अहम बदलाव

मोदी से प्रभावित होकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक्सपोर्ट नियमों में किये अहम बदलाव




नई दिल्ली: अमेरिका ने अपने एक्सपोर्ट नियमों में अहम बदलाव किये हैं। खासबात ये है कि अमेरिका में किये गए ये बदलाव उन भारतीय कंपनियों के पक्ष में हैं जो अमेरिकी वाणिज्य विभाग के नियंत्रण वाले सैन्य सामानों का आयात करना चाहते हैं। इसका ये भी मतलब है कि अमेरिका भारत को अपना मुख्य रक्षा सहयोगी मानता है। और अब उसपर आधिकारिक मुहर भी लग गई है।

अमेरिकी एक्सपोर्ट नियमों में हुए इस बदलाव के बाद ऐसे बहुत ही कम मौके होंगे जब भारत को सैन्य उपकरणों और हथियारों के आयात के लिए लाइसेंस नहीं दिये जाएं। नए नियम के तहत अब जिन कंपनियों को ‘वैलिडेटेड एंड यूजर’ का दर्जा मिल जाएगा उन्हें अमेरिका से हथियारों के आयात के लिए लाइसेंस की जरुरत नहीं पड़ेगी।

अमेरिका-इंडिया बिजनस काउंसिल यानि USIBC के डिफेंस एंड एयरोस्पेस निदेशक बेंजामिन एस ने कहा भारत में काम कर रही भारतीय और अमेरिकी कंपनियां नागरिक और सैन्य निर्माण, दोनों के लिए ही VEU का दर्जा आवंटित किये जाने का आवेदन कर सकती हैं। ऐसा करने के बाद उन्हें अलग से लाइसेंस लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

पिछले पांच सालों में दोनों देशों के बीच 3 खरब रुपयों से अधिक की सैन्य तकनीक, हथियार और उपकरण की खरीद हो चुकी है। इसके लिए 810 लाइसेंस जारी किये गए। इनमें ज्यादातर लाइसेंस एयरोस्पेस सिस्टम विकसित करने और जमीन पर चलने वाले वाहनों की खरीद से जुड़े थे। यही वजह है कि अमेरिका ने जो नई व्यवस्था बनाई है उसे भारतीय हितों के लिए काफी अच्छा माना जा रहा है।

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