MEIRA KUMAR

मीरा कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए भरा पर्चा, कहा अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट करें

मीरा कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए भरा पर्चा, कहा अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट करें

नई दिल्ली:  राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार ने नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन दाखिल करते वक्त कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, सीताराम येचुरी समेत समर्थन दे रहे 16 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। अपना नामांकन दाखिल करने से पहले मीरा कुमार राजघाट गई थीं।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा ये विचारधारा की लड़ाई है। और हमारी ये लड़ाई जारी रहेगी।

मीरा कुमार ने नामांकन दाखिल करने के बाद कहा देश दोराहे पर खड़ा है। दूसरी तरफ का रास्ता संकीर्णता का है। विपक्षी दलों की एकता समान विचारधारा पर आधारित है। लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता, प्रेस की आजादी और गरीब का कल्याण हमारी विचारधारा के अंग हैं। इममें मेरी गहरी आस्था है। उन्होंने आगे कहा वो सभी से अपील करती हैं कि अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनें उसके बाद राष्ट्रपति के चुनाव में वोट करें। मीरा कुमार ने सभी से अपने समर्थन में वोट करने की अपील भी की।

मीरा कुमार से जब दलित बनाम दलित की लड़ाई पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा हम 21वीं सदी में आ गए हैं। और मैं देशवासियों से अनुरोध करती हूं कि देश के सर्वोच्च पद की इस लड़ाई दलित बनाम दलित ना बनाया जाए।

इसबार राष्ट्रपति के चुनाव में दिलचस्प बात ये है कि दोनों उम्मीदवरों का संबंध बिहार से है। एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल थे और मीरा कुमार का जन्म बिहार के आरा में हुआ है। उन्होंने देहरादून और जयपुर में पढ़ाई की है। वो दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज और मिरांडा हाउस से पासआउट हैं। मीरा कुमार एमए और एलएलबी कर चुकी हैं।

मीरा कुमार हिंदी, अंग्रेजी, स्पेनिश, संस्कृत और भोजपुरी की जानकार हैं। उन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। 1973 में उन्होंने इंडियन पॉरेन सर्विस ज्वाइन की। वे भारत-मॉरिशस ज्वाइंट कमीशन की मेंबर रही हैं। मीरा कुमार सासाराम से सांसद हैं। सासाराम से मीरा कुमार लगातार दूसरी बार और कुल पांचवीं बार सांसद बनीं। उनकी दो बेटियां स्वाति और देवांगना हैं और एक बेटा अंशुल है।

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