उन्नाव में एक संन्यासी का संकल्प ही नहीं राजधर्म भी अधर्मी के सामने लाचार हो गया!

लखनऊ:  उन्नाव गैंगरेप केस में सवाल सीधे सीधे यूपी की योगी सरकार पर उठाए जा रहे हैं। हर कोई ये जानना चाहता है कि जिस बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक लाचार लड़की ने रेप का आरोप लगाया है उसपर राज्य सरकार मेहरबान क्यों है। ऐसा नहीं है कि यूपी में ये कुकर्म एक या दो दिन पहले किया गया है। बल्कि इसे हुए 10 महीने बीत चुके हैं। लेकिन अबतक ना तो पुलिस की जांच पूरी हो सकी, ना आरोपी विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और ना ही रेप की पीड़ित लड़की को इंसाफ मिल सका।

इस मामले में राज्य की योगी सरकार तब जागी जब ये खबर आई की पुलिस लॉकअप में 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की मौत हो गई। उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे, उनके शरीर की कई हड्डियां टूटी हुई थी। जिसके बाद मीडिया में भी खबर सुर्खियों में आई और विपक्ष समेत हर आम जनता योगी सरकार से ये सवाल पूछ रही है कि आखिर आरोपी विधायक पर कार्रवाई करने से सरकार और प्रशासन के हाथ पांव क्यों फूल रहे हैं।

आखिरकार इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया। जिसकी पहली रिपोर्ट बुधवार (आज शाम तक)  आ सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि उन्नाव मामले में गठित एसआईटी बुधवार को ही उन्नाव का दौरा करे और उसी दिन शाम तक मामले की पहली रिपोर्ट दाखिल करे।

पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया है कि नौकरी का झांसा देकर उसे आरोपी विधायक कुलदीप सिंह संगर के पास भेजा गया। जहां उसके साथ विधायक ने रेप किया।

इस मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अतुल सिंह सेंगर पर पीड़िता के पिता के साथ मारपीट का आऱोप है। जेल में पीड़िता के पिता की पिटाई की गई थी। इस तरह की आशंका पीड़ित परिवार ने पहले ही जताई थी। पीड़ित लड़की की पिता के मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है।

उधर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने दावा किया है कि पुलिस लॉकअप में पीड़ित लड़की के पिता की मौत नहीं हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि पिता की मौत के बाद थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने पीड़िता के पिता को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा ये हुआ है कि पिटाई के दौरान उसकी आंत फट गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उन 18 जगहों का भी जिक्र है जहां जख्म के निशान थे।

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