उमर खालिद ने किसे किया 6 दिन में 800 कॉल

उमर खालिद ने किसे किया 6 दिन में 800 कॉल

JNU का असली गुनहगार उमर खालिद कहां है
JNU के छात्र का खाड़ी देश में क्या काम ?

9 फरवरी को JNU कैंपस से एक वीडियो बाहर आया। जिसमें खुलेआम देशद्रोही नारे लगाए जा रहे थे। उस मामले में पुलिस ने JNU छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उस देशद्रोह का मुख्य आरोपी कोई और ही है। उसका नाम उमर खालिद है। कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद से ही उमर खालिद फरार है। दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश के लिए अलग अलग टीम बना रखी है।

अबतक उमर खालिद की तलाश में कई जगह पर छापेमारी की जा चुकी है । लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। जिसके बाद अब पुलिस ने उमर खालिद की कॉल डिटेल निकाली है। जिसमें 3 फरवरी से 9 फरवरी के बीच उमर खालिद के फोन से 800 फोन कॉल किये गए। उमर खालिद के दो नंबरों से ये फोन कॉल हुए। जिसमें 38 कॉल जम्मू कश्मीर किये गए और 65 कॉल जम्मू कश्मीर से उमर खालिद के मोबाइल पर आए। यही नहीं बांग्लादेश और खाड़ी देशों में भी कई कॉल किये गए।

जिस तरह से उमर खालिद लापता हुआ है और जिस तरह से उसकी कॉल डिटेल में खाड़ी देश और बांग्लादेश तक के फोन नंबर मिले हैं वो कई संभावनाओं को जन्म देता है। जिसमें से एक ये है कि JNU में जिस तरह से अफजल गुरु की बरसी पर देशद्रोही कार्यक्रम आयोजित किया गया और उसमें देशद्रोही नारे लगाए गए उसके पीछे क्या ये मकसद था कि मुख्य धारा से हटकर एक अलग विकृत सोच तैयार की जाए।

एक गंभीर सवाल ये भी बनता है कि जेएयू के एक छात्र को ऐसी जरुरत हो गई की 6 दिनों में उसने 800 कॉल कर लिये। और खाड़ी देश में ऐसी क्या जरुरत आ पड़ी की चंद दिनों में कई कॉल कर दिये उमर खालिद ने। जाहिर है इसकी पीछे एक गंभीर तैयारी की बू भी आ रही है। सवाल शक तब बन जाता है जब कि लगातार कोशिशों और छापेमारी के बाद भी उमर खालिद खुद को कहीं अंडर ग्राउंड किये बैठा है।

9 फरवरी की तारीख को पहली बार ऐसा नहीं हुआ था जब उमर खालिद ने देश द्रोही कार्यक्रम का आयोजन किया था। इससे पहले भी वो ऐसा कार्यक्रमों का आयोजन करता आया है। दशहरा के मौके पर महिषासुर दिवस मनाया गया था JNU मे। उसका आयोजन भी उमर खालिद ने ही किया था। जिसमें यूनिवर्सिटी कैंटीन में बीफ की मांग की जाती थी। यही नहीं JNU में जिस तरह का कार्यक्रम 9 फरवरी को किया गया था वैसा ही कार्यक्रम देश के 18 यूनिवर्सिटी में करने की योजना थी। जिसके लिए कई लोगो को माहौल भांपने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

हलांकी उनम खालिद पर जो भी आरोप लग रहे हैं उसपर उनके पिता का कहना है कि उनका बेटा देशद्रोही नहीं हो सकता। ये एक पिता की सोच हो सकती है। लेकिन जिस तरह से खालिद लापता है वो उसे खुद गुनहगार बना रहा है। उनके पिता की तरफ से भी ऐसी कोई प्रभावकारी अपील नहीं की गई है जिसमें वो सीधे सीधे ये कहें अपने बेटे से की वो सामने आकर सच को उजागर करे।

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