भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ बनना चाहते हैं डॉनल्ड ट्रंप

नई दिल्ली: डॉनल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार भारत-पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया गया है। अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप काफी चिंतित हैं। और वो दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहते हैं। लेकिन ऐसा तभी होगा जब दोनों देश इसके लिए तैयार हों।

ट्रंप प्रशासन में कैबिनट की हैसियत रखने वाली निकी हैली ने कहा भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित मौजूदा अमेरिकी प्रशासन इसे कम करने की दिशा में अपनी भूमिका पर विचार कर रहा है। यह भी संभव है कि राष्ट्रपति खुद इसमें भागीदार बनें और इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।

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हलांकि इससे पहले भी भारत के सामने कई बार ऐसी परिस्थिति आई है जब पाकिस्तान के साथ बातचीत में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की बात कही गई है। लेकिन भारत की तरफ से हर बार इसे सिरे से खारिज किया जाता रहा है। स्पष्ट तौर पर भारत ने ये पहले भी कई बार साफ किया है कि हमारे (भारत-पाकिस्तान) बीच बातचीत में किसी तीसरे पक्ष की जरुरत नहीं है।

2008 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि अमेरिका कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता कर सकता है। उस वक्त भारत ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राष्ट्रपति बनने के बाद ओबामा ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। हलांकि मई में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पीएम मोदी की मुलाकात होनी है। उम्मीद की जा रही है कि उस वक्त इस मुद्दे पर बातचीत हो सकती है।

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