क्या है ABVP और गुरमेहर का विवाद, कैसे विवादों में आई गुरमेहर, जानिये पूरा सच




नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय इन दिनों अपनी पढ़ाई की वजह से कम और देशभक्त और देशद्रोही पर मचे बवाल की वजह से ज्यादा चर्चा में है। इस विवाद और लड़ाई की शुरुआत हुई डीयू के रामजस कॉलेज से। जहां एक सेमिनार होनेवाला था। उस सेमिनार में जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद और शहला राशिद को भी इनवाइट किया गया था।

इन दोनों को इनवाइट करने का छात्र संगठन ABVP ने विरोध किया। इस विरोध की वजह ये बताई गई कि उमर खालिद पर जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी करने का आरोप है। जिसके बाद ABVP और AISA के छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसके बाद सेमिनार को रद्द कर दिया गया।

इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़नेवाली गुरमेहर कौर जो 1999 में करगिर वॉर में शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी हैं। गुरमेहर ने अपने फेसबुक पर अपना प्रोफाइल पिक्चर बदला। जिसमें वो एक तख्ती पकड़ी हुई नजर आ रही हैं। #StudentsAgainstABVP हैशटैग के साथ लिखा गया था मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती हूं। ABVP से नहीं डरती। मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर स्टूडेंट मेरे साथ है। ABVP का बेगुनाह स्टूडेंट्स पर किया गया हमला परेशान करनेवाला है और इसे रोका जाना चाहिए। यह हमला प्रोटेस्ट कर रहे लोगों पर नहीं था बल्कि यह डेमोक्रेसी के हर उस विचार पर हमला था।

इसके बाद करगिल शहीद की बेटी की यह पोस्ट वायरल हो गई। इसी के साथ विवाद की शुरुआत भी हो गई। विवाद बढ़ने के बाद गुरमेहर ने ट्विटर पर एक वीडियो भी शेयर किया। जिसमें गुरमेहर एक तख्ती के साथ नजर आईं। जिसपर लिखा था मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, जंग ने मारा था।
इसके बाद पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने गुरमेहर के पाकिस्तान वाले बयान का मजाक उड़ाते हुए ट्विटर पर तख्ती के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की। इसपर लिखा था दो ट्रिपल सेंचुरी मैंने नहीं मारी थी, यह मेरे बैट ने लगाई थी। गुरमेहर ने एक टीवी इंटर्व्यू में कहा वीरेंद्र सहवाग का ट्वीट देखकर मेरा दिल टूट गया। मैं बचपन से उन्हें खेलते हुए देखती आ रही हूं।

इसके बाद गुरमेहर पर बयान और विवाद का सिलसिला शुरु हो गया। गुरमेहर ने आरोप लगाया कि ABVP के खिलाफ लिखने पर उसे रेप और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। गुरमेहर के इस आरोप के बाद विवाद ने और जोर पकड़ा और इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया। आम आदमी पार्टी से लेकर कांग्रेस और वाम दल गुरमेहर के समर्थन में खड़े हो गए तो वहीं ABVP की तरफ से प्रदर्शन का दौर शुरु हो गया।

मंगलवार को डीयू में वामपंथी छात्र संगठनों ने ABVP की धमकी के खिलाफ एक मार्च रखा था। शुरु में इसमें गुरमेहर के शामिल होने की भी बात सामने आ रही थी। लेकिन बाद में ट्विट कर गुरमेहर ने कहा मैं इस मुहिम से अपना नाम वापस लेती हूं। इसके बाद गुरमेहर कौर ने दिल्ली छोड़ने का भी फैसला ले लिया है।

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