मृत बच्चा पैदा होने पर नर्स ने जल्द बेड खाली करने कहा, पिता ने झोले में रखा बच्चे का शव




नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में वो हुआ जिसने इंसान की मृत आत्मा को सामने लाकर रख दिया। दरअसल जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में यालम रमेश की पत्नी शशिकला की डिलीवरी हुई। लेकिन जन्म से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। इसके बाद नर्स ने यालम को जल्द से जल्द अस्पताल का बेड खाली करने और बच्चे को वहां से ले जाने को कहा।

नर्स के इस रुख के सामने एक पिता का दिल रो रहा था। आरोप है कि इसके बाद भी नर्स की कलेजा नहीं पसीजा। जिसके बाद यालम ने अपने मृत बच्चे के शव को झोले में रख लिया। रमेश बीजापुर जिले के लंकापल्ली के आईपेंटा गांव का रहनेवाला है।

अस्पताल के इस रुख को देखकर यालम को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। बच्चे के शव को झोले में रख कर ही वो मदद के लिए जिले के कलेक्टर के पास पहुंचा। लेकिन यालम की भाषा कलेक्टर समझ नहीं सके। जिसके बाद कलेक्टर ने रेडक्रॉस के लोगों से यालम की मदद करने को कहा। लेकिन यहां भी रमेश की बोली अड़चन बन गई। क्योंकि रेडक्रॉस वाले भी उसकी भाषा नहीं समझ सके।

इसके बाद उसे लेकर रेडक्रॉस की टीम अस्पताल पहुंची। तब जाकर सारा माजरा समझ में आया। इसके बाद उन्हें पता चला कि जिस थैले को यालम साथ लेकर घूम रहा है उसमें उसके मृत बच्चे का शव है। लेकिन तबतक यालम पूरी तरह से नाउम्मीद हो चुका था। रोते हुए मन से जब यालम थैले में रखे अपने बच्चे के शव को लेकर वहां से जाने लगा तब जाकर रेडक्रॉस की टीम ने अस्पताल प्रबंधन से बात की। इसके बाद उसे एंबुलेंस मुहैया कराई गई और उसे शव के साथ एंबुलेंस में बीजापुर भिजवाया गया।

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