‘पाकिस्तानी स्कूल में भारतीय राजनयिक बच्चों को न भेजें’

भारत-पाकिस्तान के बीच तल्ख होते रिश्ते और कश्मीर में पाकिस्तान की लगातार दखलअंदाजी के बाद विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अपने राजनयिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि जिनके बच्चे पाकिस्तान के स्कूलों में पढ़ते हैं वे उन बच्चों को वापस भारत भेजें। एडवाइजरी में कहा गया है कि इसी सत्र से बच्चों की पढ़ाई भारत के स्कूलों में कराएं। विदेश मंत्रालय की इस सलाह के बाद तकरीबन 50 बच्चे स्वदेश लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के इस एडवाइजरी के पीछे माना जा रहा है कि पाकिस्तान में बिगड़ते हालात के बाद इस तरह के फैसले लिये गए। इसपर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि ये एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा हर देश में होता है। वो समय-समय पर राजनयिक मिशनों से जुड़ी नीतियों की समीक्षा करते हैं। जिसके रिपोर्ट के आधार पर इस तरह के फैसले लिये जाते हैं।

इस एडवाइजी के पीछे पाकिस्तान के पेशावर के स्कूल में हुए आतंकी हमले को भी देखा जा रहा है। जिसमें 148 बच्चों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान में आए दिन जिस तरह से आतंकी सरगना खुले आम भारत के खिलाफ आग उगल रहे हैं और पाक सरकार खामोश होकर न सिर्फ ये सबकुछ देख रही है बल्कि उनके सुर में सुर भी मिला रही है। उसके बाद ये जरुरी भी हो जाता है कि भारत अपनी तरफ से इस्लामाबाद में रह रहे राजनयिकों और उनके परिवार की सुरक्षा की समीक्षा करे।

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