डॉनल्ड ट्रंप के US प्रेसिडेंट बनने में आ सकती है ये बड़ी रुकावट !




नई दिल्ली: प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉनल्ड ट्रंप के लिए एक सबसे बड़ी बाधा को पार करना अभी बाकी है। इस मुश्किल को पार करने के बाद ही ये पक्का हो पाएगा कि ट्रंप ही अमेरिका के अगले राष्ट्रपति होंगे या फिर कोई और। दरअसल अमेरिका में प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए इलेक्टोरल वोटिंग होगी। जिसके नतीजे के बाद ये सही मायने में तय होगा कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा। हलांकि अबतक ये कहा जा रहा है कि पॉपुलर वोट के नतीजों से ट्रंप के प्रेसिडेंट चुने जाने की पूरी उम्मीद है।

इलेक्टोरल कॉलेज में चुने गए 538 इलेक्टर्स वोटिंग करते हैं। ये वोट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 438 और सीनेट की 100 सीटों के बराबर होती है। अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स भारत के लोकसभा की तरह है। जिसमें 438 सदस्य होते हैं और सीनेट भारत के राज्यसभा की तरह होता है जिसमें 100 सदस्य होते हैं। सीनेट वहां की अपर हाउस होती है।

8 नवंबर को सीनेट की 34 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी। ठीक उसी तरह से जैसे भारत में राज्यसभा के लिए हर दो साल में सदस्य चुने जाते हैं। लेकिन नए सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज की वोटिंग में वोट नहीं करेंगे। उनकी जगह जनता की तरफ से इलेक्टोरल वोट के तौर पर चुने गए 538 नेता अगले प्रेसिडेंट के लिए वोट करेंगे।

ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने पर शक इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कि इलेक्टोरल कॉलेज की वोटिंग में अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो ट्रंप के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। पॉपुलर वोट के नतीजे जनता की पसंद के मुताबिक थे। लकिन इलेक्टोरल कॉलेज में चुने गए इलेक्टर्स वोटिंग करेंगे। पासा पलटने का डर इसलिए बना है क्योंकि कई रिपब्लिकन भी ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के खिलाफ हैं।

क्रॉस वोटिंग के बाद अगर कोई अलग कहानी बनती है तो पॉपुलर वोट की कुछ सीटों पर दोबारा वोटिंग हो सकती है। अमेरिका में पहले भी इलेक्टोरल कॉलेज की वोटिंग में पासा पलट चुका है। 2000 में जॉर्ज डब्लू बुश पॉपुलर वोटिंग में हार गए थे। लेकिन बाद में इलेक्टोरल कॉलेज वोटिंग में जीत गए। 1988 में भी ये हो चुका है जब बेंजामिन हैरिसन इलेक्टोरल वोट में जीत गए थे। जबकि उन्हें ग्रोवर क्वीलैंड से कम पॉपुलर वोट मिले थे।

पहले के इतिहास को देखते हुए कहा जा सकता है ट्रंप के लिए इलेक्टोरल कॉलेज की वोटिंग में जीत हासिल करना अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के लिए पहली और जरुरी शर्त है।

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