शहीद के पिता बोले ‘युद्ध से ही होगा पाकिस्तान का इलाज’

नई दिल्ली:  शोपियां में शहीद हुए मेजर कमलेश पांडे का पार्थिव शरीर आज उनके गांव पहुंचा। उनका अंतिम संस्कार उत्तराखंड के हल्द्वानी के रानीबाग में किया गया। शहीद मेजर कमलेश के पिता भी आर्मी से रिटायर हुए हैं। बेटे इस बलिदान पर उन्होंने सरकार से अपील की है कि पाकिस्तान से इस शहादत का बदला लो। शहीद के पिता मोहन चंद्र पांडे ने कहा पाकिस्तान का इलाज केवल युद्ध है। बिना युद्ध के पाकिस्तान सही रास्ते पर नहीं आएगा।

मेजर पांडे के पिता ने कहा इससे पहले भी जब पाकिस्तान इस तरह की साजिश करता रहा है उसका अंत युद्ध से ही हुआ है। अब युद्ध ही पाकिस्तान का इलाज है। अब हम और बच्चों को शहीद होते हुए नहीं देख सकते। जो काम बेटे को करना चाहिए था वो काम आज बाप कर रहा है। उन्होंने कहा पत्थरबाजों पर गोली मत चलाओ, उनके मानवाधिकार की बात होती है लेकिन अब पत्थरबाजों को भी गोली से ही सबक सिखाना चाहिए।

शहीद मेजर कमलेश पांडे के भाई धीरेश पांडे भी सेना में ही हैं। चचेरे भाई ने कहा पाकिस्तान जिस तरह से भारत में आतंकवाद फैला रहा है उसे खत्म करने के लिए एकबार आरपार की लड़ाई हो जानी चाहिए।

पेजर पांडे केवल 28 साल के थे। जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी शहादत दे दी। उनकी पत्नी गाजियाबाद में नौकरी करती हैं। मेजर पांडे के बेटी महज दो साल की है। जिसे अभी ये भी पता नहीं है कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिये।

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