तेजस्वी के जवाब से JDU संतुष्ट नहीं, तो क्या महागठबंधन की उल्टी गिनती शुरु?

पटना:  बिहार में जेडीयू और आरजेडी में तकरार एक कदम और आगे बढ़ गया है। दोनों पार्टियों के बीच तलवार तेजस्वी यादव को लेकर खिंची है। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कह दिया है कि तेजस्वी ने जो अपने ऊपर लगे आरोपों पर जो जवाब दिया है उससे पार्टी संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा था तेजस्वी से आरोपों पर बिंदुवार जवाब देने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

वहीं जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने साफ कर दिया है कि तेजस्वी पर फैसला तो होकर रहेगा। जेडीयू के इस कड़े तेवर से साफ है कि तेजस्वी के इस्तीफे से कम पर बात नहीं बन सकती है। क्योंकि तेजस्वी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद सवाल पूरी नीतीश सरकार पर उठ रहे हैं। विपक्ष पूछ रहा है कि क्या सरकार बचाने के लिए नीतीश कुमार अपने सिद्धांतों से समझौता कर रहे हैं।

आरजेडी के प्रदेक्ष अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा तेजस्वी की लोकप्रियता को देखकर बीजेपी और आरएसएस उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। रमचंद्र पूर्वे ने तेजस्वी का बचाव करते हुए कहा वो बिहार के डिप्टी सीएम हैं। उनके तहत कई मंत्रालय हैं। उन सभी में तेजस्वी ने काफी अच्छा काम किया है। उन विभागों में किसी तरह की कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है। साथ ही पूर्वे की तरफ से कहा गया कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे।

दरअसल सीबीआई की तरफ से तेजस्वी के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद जेडीयू की तरफ से तेजस्वी को कहा गया था कि वो जनता के बीच जाएं और अपना पक्ष खुद रखें। जिसके बाद तेजस्वी मीडिया के सामने आए थे। और उन्होंने कहा था कि 2006 के जिस मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है उस वक्त उनकी उम्र 13-14 साल की थी। उस वक्त उनकी मूंछ भी नहीं आई थी। वो किसी पद पर भी नहीं थे। तो फिर भ्रष्टाचार कैसे कर सकते हैं। लेकिन तेजस्वी के इस बयान से जेडीयू संतुष्ट नहीं है।

Loading...

Leave a Reply