नीतीश के बुलावे पर कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे तेजस्वी, तेज प्रताप समेत कई मंत्री

पटना:  बिहार की गठबंधन सरकार की गांठ कितनी मजबूत है इसका परिचय खुद सरकार के मंत्रियों की तरफ से ही समय समय पर दिया जाता रहा है। शुक्रवार को राज्य में पंचायती राज व्यवस्था को किस तरह से मजबूत किया जाए इसपर सीएम नीतीश कुमार ने कैबिनेट मीटिंग बुलाई थी। लेकिन उस मीटिंग में लालू के दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप समेत कई मंत्री नहीं पहुंचे।

कैबिनेट की बैठक में नहीं पहुंचने वालों में केवल डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप ही नहीं थे। बल्कि इस मीटिंग शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी और आबकारी मंत्री अब्दुल जलील मस्तान भी नहीं पहुंचे। अब्दुल जलील अपने विधानसभा क्षेत्र पुर्णिया में थे।

बिहार सरकार के दो मंत्रालय इस वक्त अपनी नाकामी की वजह से चर्चा में हैं। जिसमें एक है शिक्षा मंत्रालय जिसके मंत्री अशोक चौधरी हैं और दूसरा है आबकारी मंत्रालय जिसके मंत्री अब्दुल जलील मस्तान हैं। 12वीं के नतीजे आने के बाद शिक्षा मंत्रालय के कामकाज करने के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं। इसबार बिहार बोर्ड के 12वीं के नतीजे में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं।

वहीं आबकारी मंत्रालय सवालों में इसलिए क्योंकि बिहार में शराब बंदी के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री हो रही है। बिहार बोर्ड के हैरान करने वाले नतीजों पर सवाल राज्य के डिप्टी सीएम से भी पूछे जा सकते हैं। माना जा रहा है कि सवालों से बचने के लिए ही ये मंत्री कैबिनेट की बैठक से गायब रहे। इस गैरहाजिरी से ये बात भी निकलकर सामने आ रही है कि सीएम और उनकी सरकार के मंत्री के बीच फासला काफी ज्यादा बढ़ गया है। जहां मंत्री अपना अलग एजेंडा लेकर चल रहे हैं।

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