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स्वामी प्रसाद मौर्य ने BSP को कहा अलविदा, मायवती ने कहा नहीं जाता तो निकाल दिया जाता

स्वामी प्रसाद मौर्य ने BSP को कहा अलविदा, मायवती ने कहा नहीं जाता तो निकाल दिया जाता

उत्तर प्रदेश में हर बीतनेवाला दिन एक नई राजनीतिक सरगर्मी लेकर आ रहा है। मुलायम के परिवार का कलह अभी चर्चा में ही था कि इसी बीच बहन जी यानि मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के पुराने वफादार स्वामी प्रसाद मौर्य ने BSP को अलविदा कह दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य BSP के महासचिव थे। यूपी में BSP जब विपक्ष में थी तो मौर्य को नेता प्रतिपक्ष भी बनाया गया था। लेकिन अब मौर्य ने पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिये हैं।

BSP सुप्रीमो मायावती पर संगीन आरोप लगाते हुए मौर्य ने कहा कि ‘मायावती विधानसभा चुनाव में टिकटों की नीलामी कर रही हैं। जो जितनी ज्यादा ऊंची बोली लगा रहा है उसे टिकट दिया जा रहा है। मौर्य ने अपने आरोप में कहा कि एक एक सीट पर कई बार बोली लगवाई जा रही है। इसके बाद मौर्य ने कहा कि मायावती दलित की नहीं दौलत की बेटी हैं। वो कांशीराम और अंबेडकर के रास्ते से भटक गई हैं। मायावती केवल दिखावे के लिए अंबेडकरवादी हैं। मायावती ने अंबेडकर के सपनों को बेचा है। BSP में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कांशीराम मिशन की हत्या की है। अगर मायावती अंबेडकर के रास्ते पर चलतीं तो BSP 2012 का चुनाव जीत जाती। 2014 के लोकसभा चुनाव में पैसे लेकर उम्मीदवारों को टिकट बेचा गया। 2017 का चुनाव में BSP के लिए करो या मरो वाली बात है। पार्टी की साख दांव पर लगी है। लेकिन इसके बावजूद मायावती गंभीर नहीं हैं। आज भी ऊंचे दाम देनेवालों को टिकट दी जा रही है।‘ पार्टी को अलविदा कहते-कहते स्वामी प्रसाद मौर्य ने मायावती पर काफी गंभीर आरोप लगा दिये थे। इसलिए चंद घंटों के दरम्यान ही मायावती भी सामने आ गईं मौर्य के आरोपों का जवाब देने।

मायावती ने कहा कि ‘स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी छोड़कर उपकार किया है। आगे उन्होंने कहा कि अगर वो पार्टी नहीं छोड़ते को उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाता। मायावती ने मौर्य पर परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2012 में जब यूपी में विधानसभा चुनाव का एलान हो गया था तब स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऊंचाहार से अपने बेटे के लिए, अलीगढ़ मंडल से अपनी बेटी के लिए और कुशीनगर से खुद के लिए टिकट की मांग की। लेकिन बेटी- बेटा दोनों चुनाव हार गए। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी अपनी बेटी और बेटे के लिए टिकट की मांग की। जिसके बाद फिर से उन्हें टिकट दे दिया गया। इसबार 2017 के चुनाव में फिर से वो अपने बेटे और बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे। जिसपर उन्हें साफ तौर पर मना कर दिया गया था। मायावती ने कहा कि मौर्य को ये भी कह दिया गया था कि उन्हें जिस पार्टी से टिकट मिलता है वो वहां जा सकते हैं। आगे मायावती ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य मूल रूप से पार्टी से नहीं जुड़े थे। पहले वो मुलायम सिंह के साथ समाजवादी पार्टी में थे।‘

हलांकि एक चर्चा ये भी हो रही है कि BSP को अलविदा कहने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हलांकी सूत्रों के हवाले से ये बात कही जा रही है।
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