सुषमा स्वराज के दखल से रूसी बहू और देसी सास में हुई सुलह

ससुराल में अपने हक की लड़ाई के लिए एक विदेशी बहू धरने पर बैठ गई थी। बहू का आरोप था कि उसकी सास ने उसे घर से बाहर निकाल दिया है। उससे 10 लाख रुपये दहेज की मांग की जा रही है। जिसके बाद यूपी के आगरा में रूस की रहनेवाली ओल्गा एफिमेंकोव अपने बेटे और पति के साथ धरने पर बैठ गई। ओल्गा के पति ने ट्विटर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की मांग की। जिसके बाद सुषमा स्वराज ने इस मामले पर यूपी के सीएम अखिलेश यादव से हस्तेक्षप करने की मांग की। विदेश मंत्री के इस ट्वीट के बाद सीएम अखिलेश ने दोबारा ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा की सास और बहू दोनों अब साथ हैं।

दरअसल रूस की रहनेवाली ओल्गा एफिमेंकोव ने 2011 में आगरा के विक्रांत चंदेल से शादी की थी। ओल्गा के मुताबिक शादी के बाद वो आगरा आई और फिर गोवा चली गई। दरअसल विक्रांत चंदेग गोवा में ही अपनी दुकान चलाता था। एक महीने पहले वो अपने ससुराल आगरा लौटी। लेकिन उसकी सास ने उसे घर में रहने नहीं दिया। उसे पति के साथ घर से बाहर कर दिया गया। ओल्गा का आरोप था कि उसकी सास उससे दहेज में 10 लाख रुपये की मांग कर रही है। पति विक्रांत चंदेल ने भी इस बारे में अपनी मां से इस बारे में बात करनी चाही। लेकिन उसकी भी नहीं सुनी गई और दोनों को घर से बाहर निकाल दिया गया। जिसके बाद ओल्गा पति और बेटे के साथ घर के बाहर धरने पर बैठ गई।

इसके पीछे संपत्ति का विवाद भी बताया जा रहा है। विक्रांत की मां अपनी सारी संपत्ति अपनी बेटी के नाम कर चुकी है। बताया ये जा रहा है कि मां ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि विक्रांत ने बगैर उनकी मर्जी के विदेशी लड़की से शादी कर ली। सास का कहना है कि वो पहले ही बेटे और बहू को 11 लाख रुपये दे चुकी है। अब उसपर दहेज मांगने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

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