भारत की दो टूक ‘कश्मीर नहीं आतंकवाद पर करो बात!’

भारत की दो टूक ‘कश्मीर नहीं आतंकवाद पर करो बात!’

दिल्ली: पीओके, बलूचिस्तान, गिलगित पर हर तरफ से घिरने के बाद पाकिस्तान ने बातचीत के टेबल पर आने की इच्छा का इजहार किया था। पाकिस्तान की तरफ से सचिव स्तर की बातचीत के लिए विदेश सचिव को चिट्ठी लिखी गई थी। जिसका जवाब भारत की तरफ से दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक भारत ने अपने जवाब में कहा है कि बातचीत का मुख्य मुद्दा कश्मीर नहीं आतंकवाद होगा। यानि भारत ने अपनी तरफ से साफ कर दिया है कि बातचीत से इनकार नहीं है लेकिन मुद्दा आतंकवाद होगा। जबकि पाकिस्तान हमेश से कश्मीर को बातचीत के मुख्य मुद्दे के तौर शामिल करना चाहता है।

भारत के इस जवाब के बाद पाकिस्तान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इतिहास बताता है कि पाकिस्तान की दिलचस्पी आतंकवाद में नहीं कश्मीर में रही है। इसकी एक बड़ी वजह ये है कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद पर बातचीत करता है तो ये उसके लिए अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा। क्योंकि दुनिया जान चुकी है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सबसे महफूज ठिकाना है। हाल के दिनों में जिस तरह से आतंकी सरगना और पाकिस्तानी सरकार एक सुर में भारत विरोधी बयान दे रहे हैं उससे उस वजह का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान क्यों आतंकवाद पर बातचीत से दूर भागता है।

भारत के पास इस वक्त पाकिस्तान के खिलाफ आतंक का जिंदा सबूत भी है। सीमा पार से भारत में दाखिल हुए आतंकी की जब गिरफ्तारी हुई तो उसने आतंक को मिल रहे पाकिस्तान के शह के बारे में सबकुछ बता दिया। आतंकी ने पाकिस्तान के चेहरे से उस मुखौटे को हटा दिया जिसके पीछे वो अपने असली चेहरे को छिपाता है। ये पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान बेनकाब हुआ है। इससे पहले भी पाकिस्तान के खिलाफ सैकड़ों सबूत भारत दिखा चुका है।

अब तो खुद पाकिस्तान के अपने घर में ही उसके खिलाफ विरोध के सुर तेज हो रहे हैं। बलूचिस्तान में किस तरह से पाकिस्तान बलूचों का कत्लेआम कर रहा है और उनकी आजादी की मांग का गला घोंट रहा है ये सबकुछ पूरी दुनिया देख रही है। पीओके में भी वही हालात हैं। जहां पाकिस्तानी फौज लोगों के अधिकारों का गला घोंट रही है।

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