Sushma Swaraj Attacks Pak, Says Such Nations 'As Culpable As Terrorists'

जिनके अपने घर शीशे के हों वो दूसरों पर पत्थर न फेंकें – सुषमा स्वराज

जिनके अपने घर शीशे के हों वो दूसरों पर पत्थर न फेंकें – सुषमा स्वराज

न्यूयॉर्क: भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी बात रखी। सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान से सीधा सवाल किया। उन्होंने कहा पाकिस्तान ने इसी मंच से 21 सितंबर को भारत में मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही थी। इसके जवाब में सुषमा स्वराज ने कहा कि जिनके अपने घर शीशे के हों उन्हों दूसरों के घरों में पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। किस मानवाधिकार उल्लंघन की बात कर रहा है पाकिस्तान। बलूचिस्तान में जो कुछ हो रहा है वो यातनाओं की पराकाष्ठा है।

सुषमा स्वराज ने कहा उरी में आतंकी हमला किया गया। काबुल, ढाका, ब्रसेल्स, पठानकोट में हुए आतंकी हमले ये बताते हैं कि आतंकवाद को रोकने में हम सफल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवाधिकार का सबसे बड़ा उल्लंघन है। आतंकवाद निर्दोष, मासूम लोगों को निशाना बनाता है।
आतंकवादियों का अपना बैंक नहीं होता है उनकी अपनी हथियारों की फैक्ट्री नहीं होती है। फिर भी वो फल फूल रहे हैं। कुछ दिनों पहले अफगानिस्तान ने भी इसी मंच से इस तरह की बात उठाई थी। जिसने आतंक के बीज बोए हैं उन्हें उसका कड़वा फल खाने को मिला है। उस देश ने छोटे-छोटे आतंकी बनाए जो अब राक्षस बन चुके हैं।

हमें पतभेद भुलाकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा। पुराने समीकरण हमें तोड़ने होंगे। मोह त्यागना होगा एहसानों को भूलना होगा। ये सबकुछ हो सकता है लेकिन इच्छाशक्ति की कमी की वजह से ये नहीं हो रहा है। अगर कोई देश इस रणनीति में शामिल नहीं होना चाहता है तो उसे अलग थलग करना होगा। आतंक को पालना कुछ देशों का शौक है।

ये ऐसे देश हैं जो आतंकवाद को बेचते हैं, ये ऐसे देश हैं जो आतंकवाद को फैलाते हैं, ये ऐसे देश हैं जो आतंकवाद को निर्यात करते हैं। हमें ऐसे देशों को चिन्हित करना होगा। संयुक्त राष्ट्र ने जिन आतंकियों को चिन्हित कर रखा है इस देश में ऐसे आतंकी जलसे करते हैं,वहां रैलियां निकालते हैं, और उन्हें कोई रोकता तक नहीं है।

सुषमा स्वराज ने कहा 21 सितंबर को पाकिस्तान ने कहा था भारत में मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है। इसपर सुषमा स्वराज ने कहा कि बलूचिस्तान में क्या हो रहा है। वो वहां क्या कर रहे हैं। यातिनाओं की पराकाष्ठा है बलूचिस्तान में।

पाकिस्तान की तरफ से ये कहा गया था कि भारत ने बातचीत की जो शर्त रखी है वो उसे मंजूर नहीं है। इसपर भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तीखा प्रहार किया पाकिस्तान पर। उन्होंने कहा कि जब सार्क नेताओं को मोदी के शपथ ग्रहण में बुलाया था तब हमने कौन सी शर्त रखी थी, जब बातचीत शुरु करने के लिए मैं पाकिस्तान गई थी तब हमने कौन सी शर्त रखी थी, जब मोदी जी काबुल से भारत लौटते वक्त पाकिस्तान में नवाज शरीफ से मिलने पहुंचे थे तब हमने कौन सी शर्त रखी थी। उन्होंने कहा कि हमने दोस्ती निभाई और बदले में हमें पठानकोट और उरी मिला।

कश्मीर का राग अलापने वाले पाकिस्तान को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और अभिन्न अंग रहेगा। कश्मीर का ख्वाब देखना बंद कर दे पाकिस्तान। पाकिस्तान का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होगा।

सुषमा स्वराज के जवाब को सुनकर अब पाकिस्तान की रातों की नींद जरुर हराम हो गई होगी। क्योंकि 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने झूठ और मक्कारी का जो भाषण पढ़ा था सुषमा स्वराज ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया है।

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