इराक में मारे गए 39 भारतीयों के शव भारत लाए जाएंगे, पहाड़ खोदकर निकाले शव

नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो 39 भारतीय इराक में लापता हुए थे उन सभी लोगों की हत्या ISIS ने कर दी थी। उन्होंने कहा कि वहां कुल 40 भारतीय थे। लेकिन उनमें से एक हरजीत मसीह जो उन सभी 39 भारतीयों को लेकर इराक के मोसुल गया था वो अली बनकर बच निकला था। लेकिन बाकी सभी 39 भारतीयों की हत्या ISIS के आतंकियों ने कर दी थी। जिन लोगों की हत्या की गई थी वो भारत के चार राज्यों पंजाब, हिमाचल, पश्चिम बंगाल और बिहार के रहनेवाले थे।

सुषमा स्वराज ने कहा कि 39 भारतीयों के बारे में हरजीत मसीन ने जो कहानी बताई थी वो सही नहीं थी। हरजीत मसीह ही वो शख्स है जो इन सभी भारतीयों को लेकर इराक गया था। लेकिन जब ISIS ने इन्हें बंधन बना लिया तो हरजीत मसीह वहां से अली बनकर निकल भागा। इस बात की जानकारी खुद कंपनी मालिक ने दी थी।

विदेश मंत्री ने आगे कहा जो 39 भारतीय लापता हुए थे वो भारत में चार राज्यों पंजाब, हिमाचल, वेस्ट बंगाल और बिहार के रहनेवाले थे। इनमें से 31 लोग पंजाब के रहनेवाले थे। हमें जानकारी मिली की मोसुल में एक पहाड़ी पर कुछ लोगों के शव दफनाए गए हैं। लेकिन वहां ऊपर से कुछ दिखाई नहीं देता था। जिसके बाद हमने इराक सरकार से डीप पैनिट्रेशन रडार की मदद से शवों के बारे में पता लगाने की अपील की।

जब इस रडार का इस्तेमाल किया गया तो वहां शव होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उस पहाड़ी की खुदाई की गई। जिसमें हमें शव मिले। उन्होंने बताया कि वहां पर भी कुल 39 शव ही थे। इसके बाद जो लापता हुए थे उनके माता पिता के डीएनए सैंपल वहां भेजे गए। इसके बाद उनके मिलान का काम शुरु हुआ। सबसे पहले संदीप नाम के लड़के का डीएनए का मिलान हुआ। इसके बाद एक एक कर अबतक 38 लोगों के डीएनए सैंपल के मिलान हो चुके हैं। 39वें शव के डीएनए सैंपल का 70 फीसदी तक मिलान हो चुका है।

उन्होंने कहा कि इस काम में जनरल वीके सिंह की अहम भूमिका रही। साथ ही हम इराक की सरकार का भी आभार व्यक्त करते हैं। अब जनरल वीके सिंह विमान लेकर इराक जाएंगे और सभी शवों को भारत लाया जाएगा और उनके परिवारवालों तक पहुंचाया जाएगा।

Loading...