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चश्मदीदों ने POK में सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि की, ‘ट्रकों से ले जाए गए आतंकियों के शव’

चश्मदीदों ने POK में सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि की, ‘ट्रकों से ले जाए गए आतंकियों के शव’

दिल्ली: नियंत्रण रेखा के उसपार जाकर POK में भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर देश में ही सवाल उठ रहे हैं। कोई और नहीं राजनीतिक दलों की तरफ से ही इसपर सवाल उठाए जा रहे हैं। पाकिस्तान तो शुरु से ही सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को नकार रहा है। लेकिन उन सबों को जिन्हें ये शक है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई या नहीं उन्हें एलओसी के पास रहनेवालों ने जवाब दिया है। एलओसी के पास रहनेवाले लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि की है।

28 सितंबर की रात हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में वो बताते हैं कि भारतीय सेना के उस हमले में मारे गए लोगों के शवों को सुबह होने से पहले ही ट्रक में लादकर ले जाया गया और उन्हें दफन कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शी ये भी बताते हैं कि बेहद गुपचुप तरीके से उनके शवों को दफनाया गया।
एक अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर के मुताबिक चश्मदीद ये भी बता रहे हैं कि जिहादियों की पनाहगान को तबाह कर दिया गया। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई थी। जिहादियों की ये मेकशिफ्ट बिल्डिंग उनके भारत में दाखिल होने से पहले अपने मुल्क की आखिरी पनाहगाह होती थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने उस रात वहां कई धमाके और गोलियों की आवाज भी सुनी थी।

चश्मदीदों ने जो बयान दिया है उससे सेना और सरकार के दावे की भी पुष्टि होती है। जिसमें कहा गया था कि सर्जिकल स्ट्राइक में पीओके में आतंकियों के लॉन्चिंग पैड को नष्ट कर दिया गया। चश्मदीदों के सामने आने के बाद पाकिस्तान का वो झूठ भी बेनकाब हो गया है जिसमें वो सर्जिकल स्ट्राइक से इनकार कर रहा है। पाकिस्तान ये भी कह रहा है कि उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मोर्टार दागे गए हैं।

नियंत्रण रेखा के पास रहनेवाले लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान निशाना बनाए गए उन ठिकानों की जानकारी भी दी जिसके बारे में भारत या पाकिस्तान की तरफ से जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। अखबार के मुताबिक नीलम घाटी रोड पर किशनगंगा नदी पर बने अल हवाई पुल को पार कर इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया, इसके अलावे अथमुकाम, तंगधार, छलवाना में सर्जिकल स्ट्राइक की गई। इन जगहों पर लश्कर के ठिकाने हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की तरफ से चश्मदीदों से बातचीत के बाद जुटाई गई जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन में मारे गए लोगों की तादाद को लेकर कुछ फर्क हो सकता है। भारतीय अधिकारियों ने जो संख्या बताई थी उसके मुताबिक ये तादाद 38-50 के बीच थी लेकिन संभव है कि मारे गए आतंकियों की तादाद इससे कम हो। लेकिन अखबार में ये दावा जरुर किया गया है कि सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया।

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