SC ने अरुणाचल प्रदेश में दोबारा कांग्रेस सरकार बहाल करने का दिया आदेश, मोदी सरकार को झटका

मोदी सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में दोबारा नवाम तुकी सरकार को बहाल करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 9 दिसंबर 2015 को जारी नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है। साथ ही कहा है कि राज्य में 15 दिसंबर 2015 की स्थिति बहाल की जाए। यानि वो स्थिति जब कांग्रेस की नवाम तुकी सरकार राज्य की सत्ता पर काबिज थी।

सुप्री कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि समय से पहले विधानसभा सत्र बुलाना और स्पीकर को हटाने का राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक था। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक राज्यपाल की पूरी कार्रवाई असंवैधानिक थी और राज्यपाल ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है।

इससे पहले उत्तराखंड में भी मोदी सरकार को झटका लगा था। उत्तराखंड में हरीश रावत सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना था। और वहां दोबारा कांग्रेस की हरीश रावत सरकार बहाल हुई।

क्या है पूरा मामला?

15 दिसंबर 2015 को नवाम तुकी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद फरवरी 2016 में अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी के सहयोग से कांग्रेस के बागी नेता कलिखो पुल ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। कलिखो पुल को कांग्रेस के 19 बागी विधायकों का समर्थन और बाहर से 11 बीजेपी और दो निर्दलीय का समर्थन हासिल था। अरुणाचल प्रदेश में कुल 60 विधानसभा सीटें हैं।

राज्य में कांग्रेस के पास 47 सीटें थी। लेकिन उनमें से 20 कांग्रेसी विधायकों ने नवाम तुकी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और वो बीजेपी के खेमे में चले गए। इस तरह से राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया। अल्पमत वाली नवाम तुकी सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर नवाम तुकी सरकार बहाल होगी। लेकिन नवाम तुकी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बहुमत हासिल करने है। क्योंकि उसके 47 में से 20 विधायक बागी हो चुके हैं।

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