अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने से इनकार किया

नई दिल्ली: अयोध्या केस की जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा कुछ नहीं है कि इसपर जल्द सुनवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर सभी पक्षकारों को बातचीत के लिए पूरा वक्त मिलना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि आपस में विचार विमर्श के लिए और समय मिलना चाहिए।

इस मामले में जफरयाब जिलानी ने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी इस मामले में पार्टी नहीं है। वो जबरन इसमें दखल दे रहे हैं। वक्फ बोर्ड के वकील अनूप जॉर्ज चौधरी ने कहा कि हमने कोर्ट से मांग की थी कि सुब्रमण्यम स्वामी की बात को न माना जाए। क्योंकि वो इस मामले में पार्टी नहीं हैं। कोर्ट भी इस दलील से सहमत नजर आया। जिसके बाद साफ कर दिया गया कि इस मामले में जल्दी सुनवाई की जरुरत नहीं है।

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वक्फ बोर्ड की तरफ से कहा गया कि अभी सुप्रीम कोर्ट ने 2005 का मामला चल रहा है। अयोध्या का मामले 2010 में सुप्रीम कोर्ट में आया। इसलिए अभी इसमें वक्त लगेगा। आज की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अगली सुनवाई के बारे में कोई तारीख नहीं बताई गई है।

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट पर लिखा केस में देर करनेवाले सफल हुए हैं। मैं जल्द ही दूसरे रास्ते की कोशिश करुंगा।

जानकार बता रहे हैं कि स्वामी की जल्द सुनवाई वाली मांग इसलिए कोर्ट में नहीं मानी गई क्योंकि वो अयोध्या मामले में पार्टी नहीं है। लेकिन अगर अयोध्या मामले के पक्षकारों की तरफ से जल्द सुनवाई की याचिका कोर्ट में लगाई जाए तो हो सकता है आनेवाले दिनों में इसपर कोर्ट दोबारा सुनवाई कर सकता है।

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से मामले का हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए। इस मामले के पक्षकार आपस में बात करें। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर दोनों पक्षकार चाहें तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से एक ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जा सकती है।

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