सुप्रीम कोर्ट ने IIT-JEE में एडमिशन पर लगी रोक हटाई, 50,000 छात्रों को मिली राहत

नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने IIT-JEE में बोनस अंक के मामले में अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने IIT-JEE में दाखिला और काउंसिलिंग पर लगी रोक हटा दी है। बोनस नंबर से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कर्ट ने 7 जुलाई को IIT-JEE में दाखिले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले से तकरीबन 50 हजार छात्रों को राहत मिली है।

क्या था बोनस नंबर का विवाद?

IIT में ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम यानि JEE के द्वारा दाखिला मिलता है। IIT मद्रास में आयोजित हुई इस परीक्षा में दो सवाल गलत थे। जिसकी वजह से सभी परीक्षार्थियों को 18 बोनस नंबर दिये गए थे। यहीं से विवाद शुरु हुआ। प्रबंधन के इस फैसले को दीप्ती अग्रवाल नाम की छात्रा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में मांग की गई थी कि बोनस अंक उन्हें ही दिये जाएं जिन्होंने उन दो गलत सवालों को हल करने की कोशिश की है। सभी को बोनस अंक देने की वजह से मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी हो गई। याचिका इसे सुधार कर दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार करने या फिर दोबारा परीक्षा लेने की मांग रखी गई थी।

इसपर IIT-JEE की दलील थी कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। ऐसे में सवाल गलत होने की सूरत मे कई छात्रों ने इसे छोड़ दिया होगा। ये पता कर पाना बेहद ही मुश्किल है कि किस छात्र ने क्या सोचकर उन गलत प्रश्नों को हल नहीं किया। इसलिए सभी को समान बोनस अंक दे दिये गए।

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