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1 अप्रैल से नहीं बिकेंगी BS-3 गाड़ियां, 8 लाख नई गाड़ियां अब कूड़ा बन जाएगी

1 अप्रैल से नहीं बिकेंगी BS-3 गाड़ियां, 8 लाख नई गाड़ियां अब कूड़ा बन जाएगी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने BS-3 मानक वाली कार और बाइक पर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि 1 अप्रैल से देश में BS-3 मानक वाली गाड़ियां नहीं बिकेंगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद देश में ऑटो मोबाइल कंपनियों की तकरीबन 8.5 लाख गाड़ियां अब कूड़े में बदल जाएगी। जिनमें से तकरीबन 6 लाख बाइक BS-3 मानक वाली है। इन वाहनों की कुल कीमत 12 हजार करोड़ रुपये है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स यानि सियाम और अन्य की याचिका पर सुनवाई के बाद मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को इसपर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की। अदालत ने कहा एक अप्रैल से बीएस-4 लागू होना था। फिर भी कंपनियां टेक्नॉलजी को विकसित करने को लेकर बैठी रही।

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वहीं इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स की तरफ से दलील दी गई थी कि कंपनियों ने बीएस-4 वाहनों का निर्माण शुरु कर दिया है। लेकिन मौजूदा स्टॉक को खत्म करने के लिए 7-8 महीने का वक्त दिया जाना चाहिए। इसपर कोर्ट ने कहा केंद्र ने बीएस-4 मानक वाले ईंधन उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन पर करोड़ों रुपये खर्च किये हैं। कंपनियों को उनके गोदाम में रखे हुए बीएस-3 मानक वाले वाहनों की अनुमति देकर प्रदूषण पर लगाम लगाने के सरकारी प्रयासों को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में 31 मार्च के बाद बीएस-3 वाहनों की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। जिसपर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए इसकी बिक्री पर 1 अप्रैल से पूरी तरह से रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा लोगों की सेहत कंपनियों के फायदे से ज्यादा जरुरी है। कोर्ट ने कंपनियों से भी कहा कि अपने फायदे के लिए और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण पर काबू पाने के सरकारी प्रयासों को पलीता न लगाएं।

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