सुकमा में नक्सलियों ने RAMBO के हथियार से किया था CRPF पर हमला

नई दिल्ली:  सुकमा के चिंता गुफा में नक्सलियों ने सोमवार को बड़ा हमला किया था। जिसमें तकरीबन 300 नक्सली शामिल थे। नक्सलियों ने CRPF के जवानों पर बम, गोली और रॉकेट लॉन्चर से हमला किया था। लेकिन इसबार नक्सलियों ने CRPF के जवानों को निशाना बनाने के लिए रैंबो के हथियार का इस्तेमाल किया था।

दरअसल ये रैंबो का हथियार एक खास तरह का तीर होता है। जिसके अगले हिस्से में बम लगा होता है। CRPF का मानना है कि इस तीर बम की वजह से CRPF को काफी ज्यादा नुकसान हुआ। हॉलीवुड में बननेवाली रैंबो की फिल्म में इस तरह के तीर का इस्तेमाल होता था। रैंबो इस तीर बम की मदद से अपने दुश्मनों को मारता है। उसी तरह के तीर बम का इस्तेमाल इसबार नक्सलियों ने सुकमा में किया।

HODMA
यही ही नक्सलियों का कमांडर हिडमा। जिसने सुकमा में CRPF पर हमला किया

बम होने की वजह से ये तीर काफी घातक हो जाता है। आधुनिक राइफल से गोली चलाने पर उसमें बचने की उम्मीद होती है। लेकिन चुकी तीर बम में आगे विस्फोटक बंधा होता है और जब यह तीर अपने लक्ष्य से टकराया है या उसके आसपास भी गिरता है तो धमाका होता है जिसकी वजह से नुकसान काफी ज्यादा होता है।

नक्सलियों का ये तीर बम बेहद ही घातक है। सुकमा में इसका इस्तेमाल हुआ

इसे भी पढ़ें

सुकमा नक्सली हमले पर 8 मई को गृह मंत्रालय ले सकता है बड़ा फैसला

CRPF अधिकारियों के मुताबिक नक्सलियों ने तकरीबन 100 तीर बम का इस्तेमाल किया। इनमें से कई तीर बम नहीं फटे। अगर सभी बम फट जाते तो नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था। इस तीर बम से 100-150 मीटर से निशाना लगाया जा सकता है।

/

सुकमा में हुए नक्सली हमले में CRPF के 25 जवान शहीद हो गए। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने शहीद जवानों के शव के साथ भी छेड़छाड़ की है। कई जवानों के शरीर के कई अंग काट दिये गए हैं। नक्सलियों ने उस वक्त CRPF के जवानों को निशाना बनाया जब वो खाना खा रहे थे। उस जगह पर तकरीबन 30 जवान मौजूद थे। नक्सलियों ने जब उन जवानों पर हमला कर दिया तब बाकी जवानों ने उन नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाला।

लेकिन सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि नक्सलियों ने इस हमले में ग्रामीणों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया। नक्सलियों ने गांव वालों को सामने खड़ा कर उनके हाथ में भी बंदूकें थमा दी थी। और उनसे जबरन जवानों पर गोली चलाने को कह रहे थे। यही वजह थी कि CRPF के जवान सीधे नक्सलियों पर गोली नहीं चला पा रहे थे। क्योंकि अगर ऐसा किया जाता को नक्सलियों से ज्यादा नुकसान ग्रामीणों को होता।

Loading...

Leave a Reply