स्मॉग में दिल्ली का दम घुट रहा है, कोहरे से सड़क पर भिड़ रही हैं गाड़ियां

नई दिल्ली: दिवाली के बाद से ही दिल्ली की हवा बदल गई है। आसमान का नीला रंग गायब हो गया है और पहले जिस हवा से ऑक्सीजन लिया करते थे अब उस हवा के शरीर के भीतर पहुंचते ही फेफड़े में जलन होने लगती हैं। सड़कों पर जहां पहले दूर तक दिखाई देता था तो अब सड़कों पर बहुत दूर की बात छोड़िये कुछ दूरी तक भी साफ साफ दिखाई नहीं दे रहा है। जिसकी वजह से एक्स्प्रेस वे पर 20 गाड़ियां आपस में टकरा गईं।

केवल दिल्ली ही नहीं तमाम उत्तर-पश्चिम भारत में यही हाल है। इन दिनों इस पूरे इलाके में हवा की गति काफी कम रहेगी लगभग ना के बराबर और वातावरण में मौजूद प्रदूषित कण एक ही जगह पर जमे रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम इलाके में हवा ऊपर से नीचे की तरफ बैठ रही हैं। इस अवस्था को एंटी साइक्लोनिक कंडीशन कहते हैं।

इस हालात का नतीजा ये है कि वायु प्रदूषण की मिक्सिंग हाइट काफी नीचे आ चुकी है। दिवाली के पटाखों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में जलाया गया पराली का धुआं इस सब ने मिलकर हालात को गंभीर बना दिया। दिल्ली एनसीआर के इलाके में घना धुआं छाया हुआ है। जिससे दिल्ली एनसीआर के आसमान में स्मॉग छाया हुआ है।

पदूषण का हाल इस कदर गंभीर हो चुका है कि सबसे हानिकारक पीएम 2.5 कणों की मात्रा सामान्य से 10 गुना ज्यादा दर्ज किया गया वहीं पीएम 10 की मात्रा सामान्य से 8 से 12 गुना ज्यादा हो चुका है। इनकी वजह से दिल्ली के वातावरण में ओजोन गैस भी बन रही है। एक तरह से कहा जा सकता है कि दिवाली के बाद से ही दिल्ली गैस चैंबर बना हुआ है।

वातावरण अगर खतरनाक गैसों से भरा हुआ है तो सड़कें भी सुरक्षित नहीं हैं। स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी घट चुकी है। जिसकी वजह से यमुना एक्सप्रेस वे पर 20 गाड़ियों की टक्कर हो गई। हलांकी इसमें किसी की जान नहीं गई लेकिन कई लोगों को चोटें जरुर आई हैं। अगले तीन चार दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहेंगे।

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