SP के रजत जयंती समारोह में चाचा-भतीजा ने उठाई तलवार, बीच में आए लालू

लखनऊ:  लखनऊ में समाजवादी पार्टी का रजत जयंती समारोह कई मायनों में खास था। इस समारोह में कुछ खास नाम और खास चेहरों पर हर किसी की नजर टिकी थी। हर कोई उनके बारे में जानना समझना और पढ़ना चाहते थे। उनकी हर हरकत पर बारीकी निगाह टिकी थी सभी की। उन्हीं नामों में शामिल हैं सीएम अखिलेश यादव और सपा प्रदेश अध्यक्ष और अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव।

समाजवादी पार्टी के रजत जयंती पर जो मंच सजा था उस मंच पर चाचा-भतीजा दोनों मौजूद थे। लेकिन लोग इस मौजूदगी में उस पल को देखना चाहते थे जब दोनों एक दूसरे के करीब आएं। काफी इंतजार के बाद वो पल आ भी गया। जब सीएम अखिलेश यादव हाथ में तलवार लेकर अपने चाचा शिवपाल यादव के सामने खड़े हो गए। जबाव में शिवपाल यादव भी हाथ में तलवार थामकर भतीजे अखिलेश के सामने खड़े हो गए।

हाथ में तलवार लेकर ये संघर्ष करने एक दूसरे के सामने खड़े नहीं हुए थे। बल्कि दोनों ये संदेश दे रहे थे कि मुलायम परिवार में सबकुछ ठीक है और आज समाजवादी पार्टी का रजत जयंती समारोह है। इनदोनों के बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव अपना किरदार निभा रहे थे। लालू ने पहले अखिलेश और शिवपाल का हाथ थामकर ऊपर उठाया। फिर अखिलेश को चाचा शिवपाल के चरणों में झुका दिया।

दरअसल लालू ने पहले शिवपाल यादव का हाथ अखिलेश के सिर पर रखा उसके बाद अखिलेश को शिवपाल के पैर छूने को कहा। अखिलेश आशीर्वाद तो पहले ही ले चुके थे बाद में अपने चाचा के पैर भी छू लिये। लेकिन ये सबकुछ अनायास ही नहीं हुआ इसमें आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने अहम भूमिका निभाई।

सम्मान की इस रस्म अदायगी के बाद बारी आई भाषण देने की। शिवपाल यादव ने कहा सीएम अखिलेश यदि खून मांगेंगे तो खून दे दूंगा। उनके लिए मेरी जान हाजिर है। इसके बाद बारी आई सीएम अखिलेश यादव की। अखिलेश ने कहा कि हाथ में तलवार भी पकड़ा देते हैं और चलाने भी नहीं देते। साथ ही सीएम ने कहा लोग मेरी सुनेंगे लेकिन मेरे जाने के बाद और जब पार्टी का बिगड़ जाएगा।

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