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#सपासंग्राम : बेटा बाप का नहीं हुआ, तो बात का क्या होगा-मुलायम सिंह यादव

#सपासंग्राम : बेटा बाप का नहीं हुआ, तो बात का क्या होगा-मुलायम सिंह यादव

लखनऊ: हर आनेवाला दिन भरोसे को कमजोर कर रहा है। भरोसा जिस कदर घट रहा है उसी अनुपात में सुलह की संभावना भी खत्म हो रही है। जहां ये दोनों चीजें तीव्र वेग के साथ हो रही है वहां टूट निश्चित दिखाई दे रहा है। रविवार का पूरा दिन इसी उधेड़बुन में निकल गया कि अब कौन क्या चाल चलेगा।

किसके घर पर बैठक हो रही है और अगली बैठक कौन करने जा रहा है। समाजवादी की इसी अनिश्चित सियासत को पढ़ने में सभी ने रविवार का पूरा दिन निकाल दिया। शाम के बाद जब रात का अंधेरा घिरा तो मायूसी का एक बयान सुनने को मिला। ये बयान सीएम अखिलेश यादव के पिता और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का था। मुलायम सिंह यादव के इस बयान में घोर मायूसी और निराशा का लेप चढ़ा हुआ था।

मुलायम सिंह यादव ने एक थके हुए पार्टी प्रशासक की तरह कहा ‘जो बेटा बाप का नहीं हुआ तो बात का क्या होगा।‘ साफतौर पर मुलायम अपने इस बयान में सीएम अखिलेश यादव से नाउम्मीदी जता रहे थे। कुल मिलाकर अब मुलायम भी ये मान चुके हैं कि इसकी संभावना कम है कि बात बन जाएगी और पार्टी में सबकुछ ठीक हो जाएगा। क्योंकि अगर उम्मीद जिंदा होती तो मुलायम के बयान में इतनी मायूसी और तल्खी नहीं होती।

अब निगाहें सोमवार की बैठकों पर टिकी हैं। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर पर अखिलेश और शिवपाल के समर्थक पहुंच चुके हैं। इसी दफ्तर में मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। लेकिन पार्टी दफ्तर के बाहर जमे दोनों गुटों के समर्थक कब अपनी सब्र की सीमाएं तोड़ देंगे इसके बरे में कहा नहीं जा सकता। क्योंकि दोनो तरफ से नारेबाजी हो रही है। बीच बचाव के लिए पुलिस बल भी है। लेकिन इतना तय है कि मुलायम परिवार में मचे इस दंगल में यूपी में समाजवाद की परिभाषा एक बार फिर नए तरीके से लिखी जाएगी।

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